तोतलाडोह और कन्हान जलाशयों में पानी का स्तर घटा,कटौती लागू होने पर रोजाना 74 एमएलडी कम मिलेगी जलापूर्ति
पाइपलाइन रिसाव और चोरी से प्रतिदिन 259 एमएलडी पानी बर्बाद
न्यूज़म ब्यूरो
नागपुर, 31 अक्टूबर। तोतलाडोह और कन्हान जलाशयों में पानी का स्तर लगातार घटने से नागपुर में जल संकट गहराने की आशंका है। राज्य सरकार की ओर से जल वितरण में 10 प्रतिशत कटौती के निर्देश दिए जाने के बाद महानगरपालिका ने भी तैयारी शुरू कर दी है। कटौती लागू होने पर शहर की रोजाना जलापूर्ति में करीब 74 एमएलडी की कमी आ सकती है। हालांकि, कटौती कब से और किस तरह लागू होगी, इस पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।
जलाशयों में आधे से भी कम पानी
सूत्रों के अनुसार, पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में होने वाली समीक्षा बैठक के बाद जल कटौती पर फैसला लिया जा सकता है। फिलहाल जलसंपदा विभाग के निर्देशों पर अमल को लेकर प्रशासनिक स्तर पर विचार-विमर्श जारी है। जिले में इस मानसून सीजन में औसत बारिश का केवल 64 प्रतिशत दर्ज किया गया है। कम बारिश और अल नीनो के प्रभाव से जलाशयों पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में सरकार ने उपलब्ध पानी में पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और 10 प्रतिशत हिस्सा आपातकालीन जरूरतों के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
रोजाना 259 एमएलडी पानी का नुकसान
नागपुर को तोतलाडोह और कन्हान जलस्रोतों से प्रतिदिन करीब 740 एमएलडी कच्चे पानी की आपूर्ति होती है। इसमें से लगभग 259 एमएलडी पानी रोजाना बिना राजस्व के बर्बाद हो जाता है। पाइपलाइनों में रिसाव, पानी की चोरी, अवैध नल कनेक्शन और बिलिंग नहीं होना इसकी प्रमुख वजहें बताई गई हैं।
कटौती से प्रभावित होगी आपूर्ति
शहर में 10 प्रतिशत कटौती लागू होने पर प्रतिदिन करीब 74 एमएलडी पानी की आपूर्ति कम हो जाएगी। इसका असर नागरिकों को मिलने वाले पानी पर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में एक दिन छोड़कर जलापूर्ति करने या कम दबाव से पानी देने जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं।
मनपा का दावा है कि पाइपलाइनों की मरम्मत और अवैध कनेक्शनों को नियमित करने के प्रयासों से रोजाना 50 एमएलडी पानी बचाया जा रहा है। हालांकि, जलाशयों में पानी की कमी और रोजाना हो रहे नुकसान को देखते हुए यह बचत पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।
समीक्षा बैठक के बाद होगा फैसला
महापौर नीता ठाकरे के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से पानी में कटौती के निर्देश मिले हैं। शनिवार को पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले स्थिति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि कटौती का फैसला जरूरी हो गया है, लेकिन इसकी मात्रा तय करने के लिए विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।
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