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तुकाराम मुंढे का बड़ा एक्शन, FDA के चार वरिष्ठ अधिकारियों पर गिरी गाज; जानें क्या है पूरा मामला

बिना अनुमति छापेमारी और नियमों के खिलाफ माल जब्त करने के आरोप में सोलापुर, नागपुर और पुणे के अधिकारियों को निलंबित किया गया है।

मुंबई। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के राज्य आयुक्त तुकाराम मुंढे ने विभाग के चार वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर बिना अनुमति छापेमारी करने और नियमों के विरुद्ध उत्पादों को जब्त करने का आरोप है। निलंबित अधिकारियों में सोलापुर के दो खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नागपुर के एक सहायक आयुक्त और पुणे के एक सहआयुक्त शामिल हैं।

यह मामला विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली और अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर की गई कार्यवाही से जुड़ा है। कुछ मामलों में संबंधित कंपनियों ने मुंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद विभाग को अपनी कार्यवाही पर रोक का सामना करना पड़ा और अदालत में बिना शर्त माफी भी मांगनी पड़ी थी।

बिना अनुमति गोदाम पर मारा था छापा

नागपुर के सहायक आयुक्त यदुराज दहातोंडे और पुणे के सहआयुक्त दिगंबर भोगावडे ने पुणे जिले के मावल तालुका स्थित टाकवे गांव में एसओएक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम पर छापा मारा था। आरोप है कि इस कार्यवाही के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति नहीं ली गई थी।

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इसके अलावा, दहातोंडे ने अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर कार्यवाही की और खुद को विशेष उड़नदस्ते का सदस्य बताया। वहीं, भोगावडे ने जब्त किए गए उत्पादों के खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के दायरे में आने की पुष्टि किए बिना कार्यवाही की।

रिपोर्ट के अनुसार, इन उत्पादों पर स्पष्ट रूप से लिखा था कि वे खाने के लिए नहीं हैं। इसके बावजूद कार्रवाई की गई और नमूने लेने तक सीमित रहने के बजाय बड़ी मात्रा में माल जब्त कर लिया गया। कंपनी ने इस मामले में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसके बाद अदालत ने कार्यवाही पर रोक लगा दी।

सोलापुर के अधिकारियों पर भी लगे आरोप

सोलापुर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक इलागेर और च. रा. स्वामी ने ठाणे की कंपनी हाई स्ट्रीट इम्पेक्स पर छापा मारा था। आरोप है कि उन्होंने भी अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर कार्यवाही की।

जब्त किए गए उत्पादों पर हुक्के में इस्तेमाल के लिए होने और खाने योग्य नहीं होने की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद अधिकारियों ने माल जब्त कर लिया। आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन या कानूनी सलाह लेने के बजाय नमूने लेने तक सीमित रहने वाली कार्यवाही का दायरा बढ़ा दिया।

इस मामले में भी विभाग को कार्यवाही वापस लेनी पड़ी और मुंबई उच्च न्यायालय में बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी थी।

21 अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी जांच

इससे पहले मालेगांव में करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य की जब्त सुगंधित सुपारी को नष्ट किए बिना ही नष्ट करने का झूठा पंचनामा तैयार करने के मामले में पांच सहआयुक्तों को निलंबित किया गया था। अब चार और अधिकारियों पर कार्यवाही की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के 21 अन्य क्षेत्रीय अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय जांच चल रही है। लगातार हो रही कार्यवाही के कारण विभाग के अधिकारियों में असंतोष बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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