राहुल गुप्ता
मुंबई, 30 सितंबर। एक ढांचा गिरने की घटना में 49 वर्षीय हिममत भानुशाली की मौत हो गई। 24 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे संरचना का एक हिस्सा उनके ऊपर गिर गया था। गंभीर रूप से घायल हिममत को तुरंत एल. एन. हिरानंदानी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसी दिन शाम करीब 6:30 बजे उनकी मौत हो गई।
हादसे के बाद परिवार ने पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने अपने पिता और परिवार के एक सदस्य को खो दिया। अब वे जानना चाहते हैं कि आखिर वह ढांचा क्यों गिरा और हादसे की परिस्थितियां क्या थीं।
परिवार के मुताबिक, जिस ढांचे का हिस्सा गिरा था, वह एक ऐसे गोदाम का हिस्सा था जो करीब आठ वर्षों से बंद और कथित तौर पर उपेक्षित पड़ा था। परिवार का आरोप है कि लंबे समय से बंद और खराब हालत में पड़े परिसर में हाल ही में निर्माण कार्य शुरू किया गया था।
परिवार का दावा है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी। उनका आरोप है कि इसके लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी से आवश्यक अनुमति मौजूद नहीं थी। परिवार ने यह भी सवाल उठाया है कि अगर परिसर की हालत पहले से खराब थी, तो निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
परिवार ने पुलिस और बीएमसी से की जांच की मांग
हिममत भानुशाली की मौत के बाद परिवार ने पुलिस और बीएमसी से मामले की विस्तृत जांच करने की मांग की है। परिवार चाहता है कि हादसे से जुड़ी हर परिस्थिति की जांच हो और यह पता लगाया जाए कि घटना के पीछे किसी तरह की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन तो नहीं था।
परिवार के मुताबिक, जांच में यह भी सत्यापित किया जाना चाहिए कि परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के लिए जरूरी अनुमति मौजूद थी या नहीं। इसके अलावा ढांचे की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी थी, इसकी भी जांच की मांग की गई है।
परिवार का आरोप है कि अगर ढांचा पहले से खराब स्थिति में था और वहां निर्माण कार्य चल रहा था, तो काम के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए थे। उनका कहना है कि जांच में इन सभी पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए।
परिवार की मांग सिर्फ जांच तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि अगर जांच में किसी तरह का नियम उल्लंघन या लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 106(1) के तहत काम करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि जिस ढांचे का हिस्सा गिरा, उसकी स्थिति कैसी थी, वहां निर्माण कार्य के लिए जरूरी अनुमति थी या नहीं और सुरक्षा से जुड़े इंतजाम किए गए थे या नहीं। परिवार इन्हीं सवालों के जवाब और हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है।
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