10 नवंबर को होना है अध्यक्ष पद का चुनाव; 500 करोड़ से अधिक कारोबार वाली सहकारी संस्थाओं में चार विशेषज्ञ निदेशकों को मनोनीत करने के फैसले पर जताई आपत्ति
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 5 नवंबर। कांग्रेस नेता एवं विधान परिषद सदस्य सतेज पाटिल ने कोल्हापुर के गोकुल दूध संघ के अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले नियमों में बदलाव को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव से ठीक पहले नियम बदलकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया और दूध उत्पादक किसानों के जनादेश को प्रभावित करने की कोशिश की है।
500 करोड़ से अधिक कारोबार वाली संस्थाओं में होंगे मनोनीत निदेशक
मुंबई के गांधी भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 500 करोड़ रुपये से अधिक सालाना कारोबार करने वाली सहकारी संस्थाओं में सरकार की ओर से चार विशेषज्ञ निदेशक मनोनीत करने का फैसला लिया गया है। इन निदेशकों को अध्यक्ष पद के चुनाव में मतदान का अधिकार भी दिया गया है।
चुनाव की गणित बदलने का आरोप
पाटिल के मुताबिक, गोकुल दूध संघ के हालिया चुनाव में उनके समर्थन वाली ‘संविचारी अघाड़ी’ ने 25 में से 13 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस आधार पर उनके समर्थित उम्मीदवार का अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 नवंबर को होने वाले अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले नियमों में बदलाव कर चुनावी समीकरण बदलने की कोशिश की गई है।
सहकारी संस्था पर नियंत्रण की कोशिश का दावा
पाटिल ने कहा कि नए नियमों के जरिए सरकार सहकारी संस्था पर अपना नियंत्रण स्थापित करना चाहती है। उन्होंने इसे दूध उत्पादक किसानों के जनादेश और उनके मतदान के अधिकार का अनादर बताया।
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