Listen to this article
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर जिला में 10 व 11 नवंबर को निकलेगीं पद यात्राएं
लौह पुरुष पटेल का संदेश अगली पीढ़ी तक पंहुचाना पद यात्राओं का उदेश्य
छह राज्यों की पद यात्रात्रों के प्रभारी एवं भाजपा राष्टï्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने किया झज्जर में पे्रस को संबोधित
चंडीगढ़, 8 नवंबर। सरदार पटेल की150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में उनका संदेश देश भर में सडक़ यात्राएं और पद यात्राएं निकाली जा रही हैं। ये पद यात्राएं एकता , अखंडता और एकात्मकता का उत्सव होंगी। छह प्रदेशों की पद यात्राओं के प्रभारी एवं भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने सिंचाई विभाग के विश्राम गृह झज्जर में पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि झज्जर जिला में पहली पदयात्रा दस नवंबर को महर्षि दयानंद स्टेडियम झज्जर से शुरू होकर गुढ़ा होते हुए बेरी हलके के गांव धौड़ में समापन होगा। दूसरी पद यात्रा 11 नवंबर को सुबह आठ बजे बादली हलके के गांव बुपनिया से शुरू होकर डाबौदा होते हुए बहादुरगढ़ हलके के गांव मांडौठी तक होगी। पत्रकार सम्मेलन में जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि, जिला परिषद चेयरमैन कप्तान बिरधाना, पद यात्रा के जिला संयोजक संजय कबलाना व दिनेश कौशिक मुख्य रूप से मौजूद रहे।
धनखड़ ने कहा कि देश सांस्कृतिक रूप से सदियों से एक रहा है। लेकिन अंग्रेजों ने जब भारत छोड़ा तब देश के दो हिस्से कर दिए थे और मौजूदा 562 रियासतों को खुली छूट दे दी थी कि जिसको भारत के साथ रहना है या पाकिस्तान के साथ या फिर अलग से रहना है। वो अपनी मर्जी से निर्णय लें। मजबूत व्यक्तित्व के धनी सरदार पटेल जैसे दूरदर्शी सोच व समझ के नेता ने सभी रियासतों को अपने पुरुषार्थ की बदौलत भारत में मिलाकर राजनीतिक रूप से देश को वर्तमान स्वरूप दिया । उनकी सोच श्रेष्ठï भारत की रही , भारत को मजबूत करने को समर्पित रही। उनके पुरुषार्थ और मजबूत व्यक्तित्व के आगे सभी रियासतें भारत में विलय को तैयार हुई। उनके भारत को अखंड और मजबूत बनाने के समर्पित भाव के जीवन दर्शन को लगातार नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा सभी का दायित्व है। बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, वंदे मातरम की 150वीं जयंती, सरदार पटेल की 150वीं पर रन फॉर यूनिटी,पद यात्राएं आदि सभी ऐसी गतिविधियां हैं, जो देश को मजबूती प्रदान कर रही हैं। देश की व्यवस्था को मजबूत बना रही हैं।
धनखड़ ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए देश भर से मिट्टी व लौह संग्रहण का दायित्व मोदी जी ने उनको दिया था। केवडिय़ा में स्थापित स्टेच्यू ऑफ यूनिटि देश की एकता व अखंडता का तीर्थ है। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा मजबूती से देश को एक सूत्र में पिरोने पर उनको लौह पुरूष का सम्मान मिला और अंग्रेजों द्वारा किसानों पर लगाए गए लगान को वापिस कराने पर गांधी जी ने सरदार का नाम दिया । किसानों के हकों की लड़ाई पूरी मजबूती लड़ी थी, इसलिए आज भी देशभर के किसान उनको सम्मान के साथ सरदार पटेल के नाम से पुकारते हैं। धनखड़ ने कहा कि देश की आजादी के समय देश का प्रधानमंत्री बनाने की बात चली और वोटिंग होने पर एक वोट को छोडक़र सभी सरदार पटेल के पक्ष में थे। लेकिन गांधी जी के कहने पर पंडित जवाहर लाल नेहरू का बनाया गया। सरदार पटेल इन सब बातों को पीछे छोडक़र देश को एकता , अखंडता और एकात्मकता के भाव में बांधने के जुटे रहे । उनका देश के प्रति,कर्तव्य, धैर्य और समर्पित भाव ठाडा रहा इसलिए देश के प्रथम गृहमंत्री पटेल को लौहपुरूष के नाम से जानते हैं। यह देशवासियों के लिए बहुत बड़ा संदेश छोडक़र गए हैं, हम सभी उनके एकता, अखंडता व एकात्मकता के संदेश को लेकर पद यात्राओं के माध्यम युवा पीढ़ी तक जा रहे हैं। इन पद यात्राओं में युवा, छात्र, महिला, खिलाड़ी, पुरूष सभी शामिल होंगे। इस दौरान माई भारत युवा केंद्र के जिला अधिकारी ब्रिजेश कौशिक,आनंद सागर, मनीष बंसल,प्रवीण जांगड़ा, नरेंद्र जाखड़, राय सिंह, सुभाष देशवाल, प्रकाश माजरा सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे।
धनखड़ ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए देश भर से मिट्टी व लौह संग्रहण का दायित्व मोदी जी ने उनको दिया था। केवडिय़ा में स्थापित स्टेच्यू ऑफ यूनिटि देश की एकता व अखंडता का तीर्थ है। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा मजबूती से देश को एक सूत्र में पिरोने पर उनको लौह पुरूष का सम्मान मिला और अंग्रेजों द्वारा किसानों पर लगाए गए लगान को वापिस कराने पर गांधी जी ने सरदार का नाम दिया । किसानों के हकों की लड़ाई पूरी मजबूती लड़ी थी, इसलिए आज भी देशभर के किसान उनको सम्मान के साथ सरदार पटेल के नाम से पुकारते हैं। धनखड़ ने कहा कि देश की आजादी के समय देश का प्रधानमंत्री बनाने की बात चली और वोटिंग होने पर एक वोट को छोडक़र सभी सरदार पटेल के पक्ष में थे। लेकिन गांधी जी के कहने पर पंडित जवाहर लाल नेहरू का बनाया गया। सरदार पटेल इन सब बातों को पीछे छोडक़र देश को एकता , अखंडता और एकात्मकता के भाव में बांधने के जुटे रहे । उनका देश के प्रति,कर्तव्य, धैर्य और समर्पित भाव ठाडा रहा इसलिए देश के प्रथम गृहमंत्री पटेल को लौहपुरूष के नाम से जानते हैं। यह देशवासियों के लिए बहुत बड़ा संदेश छोडक़र गए हैं, हम सभी उनके एकता, अखंडता व एकात्मकता के संदेश को लेकर पद यात्राओं के माध्यम युवा पीढ़ी तक जा रहे हैं। इन पद यात्राओं में युवा, छात्र, महिला, खिलाड़ी, पुरूष सभी शामिल होंगे। इस दौरान माई भारत युवा केंद्र के जिला अधिकारी ब्रिजेश कौशिक,आनंद सागर, मनीष बंसल,प्रवीण जांगड़ा, नरेंद्र जाखड़, राय सिंह, सुभाष देशवाल, प्रकाश माजरा सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे।
What are your
Feelings