निश्छल भटनागर की कलम से….
…..मदहोश !
आदत अच्छी हो तो….. सराही जाती है, शाबाशी दिलाती है, लोग करते हैं ज़िक्र और…..देते हैं दाद भी….. मग़र, हो आदत ग़र बुरी तो….. दे जाती है खाज….जैसा जख्म, कर जाती है सितम…. कई मर्तबा तो….कटवा भी देती है नाक, सरेबाजार …..बदनामी दे जाती है….. नासूर बन जाती है…..खेल बिगाड़ देती है। दूसरों को कुछ भी…..कहने की छूट दे जाती है। ये आदत ही तो है, जो आपके चाल चरित्र का बखान….आपके बिन कहे…..बिना उजागर किए बता देती है कि….आप कौन हैं…..क्या हैं …. कहां हैं, और….कहां पहुंचने की रखते हैं कुवत – ताकत….। इसे ऐसे समझें कि…..किसी को होती है आदत, गुनगुनाने की…. किसी को नए कपड़े पहनने की, किसी को गाने की ख्वाहिश…. तो किसी का दिल पुकारे…. करे ऊपर वाले या….अपने बड़े बूढ़े की नवाज़िश। कोई घूमने का शौक़ीन तो कोई खेलने का…. या फिर सिगरेट सुलगाने का तलबग़ार…. कोई किसी ख़ास व्यंजन को…..खाने का शौक़ीन या फिर….कोई होता है पीने का शौक़ीन। अब आदत है तो है….। चर्चा है कि ….पीना उतना बुरा नहीं होता, जितना पीने के बाद की….आपकी स्थिति बना देती है। कई मर्तबा गाड़ी ठुकवा देती है….मारपीट या घर बाहर क्लेश….करा देती है। अति तो किसी की भी होती है खराब…..बहुत बार कर देती है घर तक बर्बाद। वहीं ये भी है तथ्य कि…. कई बार तो डॉक्टर ही देते हैं मशविरा…. पीया करो, लेकिन हिसाब से…. दो पेग लो, लिटिल – लिटिल। वो गाना भी है ना, पीयो लेकिन रखो हिसाब, कि थोड़ी थोड़ी….पीया करो….। मग़र ये बात कुछ लोगों की समझदानी में….है कि आती ही नहीं…. करते हैं इस कदर मनमानी कि…..बेशक पहुँच गए हों ऊंचाई पर…. मग़र हरकतें रह गईं वही….बचकानी। चर्चा ऐसी ही है निकल पड़ी है कुछ….. कि जगह जगह है खुसफुसानी…. आलम है ये कि करवा गई, दुनिया भर में…. बदनामी। दिखा जो नज़ारा विधानसभा के अंदर का…. उसने देखने वालों को हैरत में….डाल दिया, वो जता दिया, जो…. सब कुछ झलका गया। बैठे बिठाए ही समूचे विपक्ष को….गरमागरम मुद्दा दे गया। सत्ता पक्ष को….. असहज कर गया। सदन के अंदर नेता सदन साब ….गए इतना चमक गए कि….फीकी पड़ गई उनकी बाकी बातें। चर्चा है कि उनको देख संगी साथी उनके ही…. हो गए बेबस, कह ना पाए कुछ…. बरबस….देखते ही रह गए सब…. और जब उछल गया मामला पूरा…. तो कर न पाए कुछ। पंजाब के नेता विपक्ष ने फ़ौरन कर डाली मांग….कि अल्कोमीटर से कराएं जांच, लेकिन किया नेता सदन ने इंकार…. सवाल यहीं से गया उछल। बोल पड़े नेता प्रतिपक्ष, एक साधारण और वैज्ञानिक अल्कोमीटर जांच से इंकार…. करता है हालते -इज़हार…..जताता है बहुत कुछ। छिपाने के लिए यदि नहीं था कुछ…. तो करानी चाहिए थी मुख्यमंत्री को जांच, जबकि…. इंकार है बताता सरकार कुछ छिपाने की कोशिश…. है कर रही। नेता विपक्ष की नज़र में….एक इंकार ने किया विधानसभा की विश्वसनीयता को कमज़ोर…. नेता विपक्ष ने मारा ऐसा तीर कि हुए मूर्छित….सत्त्ता में बैठे वीर….बोले कि, हुआ ऐसा पंजाब के इतिहास में पहली मर्तबा…. किसी मौजूदा मुख्यमंत्री पर लगे हों….ऐसे गंभीर इल्ज़ाम…. आरोप हैं सही तो…. मुख्यमंत्री ने केवल अपनी पार्टी ही नहीं, बल्कि किया हर किसी को शर्मसार…. हुआ दुनिया भर के पंजाबियों का अपमान….।
नेता विपक्ष ने दाग़ा ये सवाल, वो भी लाख टके का दिया उछाल…. कई बार कह चुका हूं कि यदि पार्टी सुप्रीमो अपने मुख्यमंत्री को ही….नशा मुक्त नहीं बना सकते तो…. फिर कैसे बना सकते हैं पंजाब को नशा मुक्त….? अकाली सुप्रीमो ने भी इस मुद्दे पर पंजाब सरकार की जमकर की खिंचाई…. मांग लिया उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से इस्तीफ़ा। पवित्र सदन में सवालों के जवाब देने की बजाए…. नेता सदन ने भागना किया पसंद। अकाली सुप्रीमो ने दिला दी पुरानी याद …. जब फ्रेंकफोर्ट में प्लेन से दिया गया था इसलिए उतार…. कि साहब ने पी बहुत रखी थी। उस मौके पर भी दुनिया भर के पंजाबियों में सीएम ने पद की गरिमा थी गिराई। आ रह है याद यही चर्चा थोड़ी और पुरानी….. थे लोक सभा के सदस्य तो भी….बगल की सीट वाले सांसदों ने अध्यक्ष से किया था सीट बदलने का अनुरोध…. और वजह वही कि साहब के पास से आती है शराब की बू…..। आरोप ये भी हैं कि नशे की ही हालत में टेका था…. तख़्त श्री दमदमा साहिब में मत्था….और बरगाड़ी मोर्चे में भी नशे में ही हुए थे शामिल, जहाँ हुआ था श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी का पाठ। अकाली सुप्रीमो ने फिर दिलाया याद कि…. मुख़्यमंत्री पद की शपथ लेते समय सीएम साब ने ली थी….अपनी पूजनीय मां के सामने ये कसम कि…. अब नहीं पियूंगा, खाई है माँ की कसम…. यही बात तब आप सुप्रीमो केजरीवाल ने भी थी दोहराई कि….लोग बड़ी बड़ी तपस्या करते हैं, न जाने क्या क्या छोड़ देते हैं…. देते हैं अपनी प्रिय चीज की कुर्बानी…. इन्होने छोड़ दी है अब शराब, नहीं पीएंगे। मग़र…. पार्टी सुप्रीमो को भी दे दिया गच्चा, साबित कर दिया उन्हें भी राजनीतिक समझ में बच्चा…. अरे भाई, वो राजनेता ही क्या जो…. अपने फायदे के लिए खाई हुई कसम तोड़ न दे…. किसी का भो हो, दिल तोड़ न दे…. मुसीबत में रहे जो साथ, उसे छोड़ न दे। इन सबके बीच पंजाब भाजपा के प्रधान सुनील जाखड़ ने…. जड़ दिया है सबसे तगड़ा तंज। चर्चा है कि बोला उन्होंने…. एक मदहोश मुख्यमंत्री के भरोसे सूबे को नहीं जा सकता है छोड़ा। देश का अपने है बॉर्डर स्टेट, उसके मुख्यमंत्री….जिस हालात में थे विधानसभा के विशेष सत्र में, वो…. पंजाब ही नहीं, देश के लिए भी है बहुत खतरनाक। मामले को लेकर पंजाब भाजपा के पदाधिकारियों ने राज्यपाल से मिल….हालात पर जताई है चिंता। जो कसार रह गई थी, वो निकाल दी…. छोटे भाई सूबे, हरियाणा के मुख्यमंत्री ने, ये कहकर कि….जैसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, उसे देखकर तो यही है कहना बस…. चला रहे हैं युद्ध नशेयां विरुद्ध, मग़र जरुरत है यही कि….पहले तो अपने मुख्यमंत्री को नशे से बचाओ…..फिर बचाना यूथ को, नशे के दलदल से। जो व्यक्ति दारु पीकर सदन में पहुंच गया…. तो क्या वो, आपकी सुविधाओं की बात करेगा और क्या…. सूबे की बेहतरी के काम करेगा। हर तरफ चर्चा यही कि…. इससे अच्छा तो हो जाते बेहोश, तब हो जाता इलाज…. मग़र दिखे जिस तरह से मदहोश वो…. तो बचा नहीं कुछ, कहने- सुनने को।
माननीय लगाते हैं रूद्राक्ष …. ब्यूरोक्रेट कटवाते !
इतवार की सुबह वैसी नहीं रही…. जैसी हुआ करती है हमेशा से। सुबह दिन निकलना था, मग़र बना रहा…. रात जैसा नज़ारा। मौसम ऐसा बिगड़ा कि…. आंकड़े मौसम विभाग के भी बिगाड़ दिए। बिना किसी अलर्ट के…. हमारे आपके घर के ऊपर का आसमान धुंधला से गए…. आंधी पानी और ऋतु के बिगड़े मिज़ाज ने….ये कर दिया साफ़ कि…. प्रकृति के आगे दिखते हैं सब नतमस्तक। लगभग दो से ढाई घंटे तक…. भरी गर्मी में ठंडी हवाओं और बारिश….का एहसास कराने के बाद जब हुए सूर्यदेव….प्रकट तो पेड़ पौधे, ज़मीन – सड़कें…. सब बेमौसमी बारिश से थीं सराबोर। इसी काल ने हमारे एक जानने वाले प्रकृति प्रेमी मित्र को…. कर डाला ग़मगीन। हुआ यूं कि तेज़ आंधी बारिश ने उनके घर आंगन में गर्व से खड़े…. डेढ़ दशक पुराने पेड़ को कर दिया था धराशायी। छाया देने वाले का सरमाया…. यूं छिनना, कर गया उन्हें और फैमिली को इस कदर इमोशनल…. कि सुबह से हो गई दुपहर और फिर घिर आई शाम…. न बना उनके घर नाश्ता, और न ही खाना। जिस पेड़ की छांह में बैठते थे, सुस्ताते थे, हवा के झोंकों में इतराते थे….वो ही न रहा, तो क्या खाना….और क्या कुछ सूझना। उनकी और परिवार की संजीदगी ने मानो….लूट लिया दिल, और महफ़िल। मग़र जेहन में आ गया याद….बरबस ही एक शख्स ऐसा कि जिसकी…. हरकत रही बेहद तंगदिल, या…. यूँ कहें कि संगदिल। प्रकृति प्रेमियों की नज़र में….एक बुज़दिल। सिटी ब्यूटीफुल के पॉश सेक्टर में ज़िंदगी के चंद बरस गुज़ारने आए…. एक ब्यूरोक्रैट ने पर्यावरण नियमों और कानूनों को बताकर धता…. कर दी ऐसी खता….कि सुनी हमने और जिसने भी तो…. यही कहा कि इस गुस्ताख़ी की…. क्या प्रशासक महोदय देंगे कोई सज़ा।
हुआ यूं कि हरियाणा कैडर की एक आईएएस दंपत्ति ने….सेक्टर 16 में किया एक आलीशान मकान खाली। रिटायरमेंट बाद उनको था अपने मकां में शिफ्ट होना, थी ख्वाहिश ऐसी कि रहें कुछ दिन और उस…. आबोहवा में, जहां गर्व से इतराता था शायद, उस इलाके का सबसे ऊंचा…. रुद्राक्ष का पेड़, करता था जो महादेव को अति प्रिय ….. और तमाम सनातनियों की, हिन्दुओं की आस्था में रचे-बसे…..रुद्राक्ष की वर्षा। मग़र समय को था कुछ और ही मंज़ूर…. मकां वो हासिल कर लिया पंजाब कैडर के एक अफ सर ने। सर तो सर…. इनकी मैडम भी हैं सर। चर्चा ये भी है कि, वहां दाखिल होने को था वो बेताब…. जैसे उसे पता हो कि दिखते हैं उस मकां में ….सुर्खाब। चर्चा है कि ऐसा होता है बहुत कम….कि मिला हो जिस अफसर को मकां कोई, उसे छोड़…. किसी और कि तलाश में जुटे, कहीं और ही जा बसे। मग़र, इस केस में हुआ यही…..ब्यूरोक्रेसी में है व्यापक चर्चा कि…. इन साहब ने उसी सेक्टर के किसी अन्य….बसेरे को बना लिया अपना, लेकिन….. वो मकां इसलिए और ये बताकर छोड़ा कि….. रुद्राक्ष के पेड़ की वजह से आती नहीं, पॉजिटिव वाइब्स। हैरानी की बात ये कि….. इस अफसर ने कटवा दिया रूद्राक्ष का वो लहलहाता…..आशीर्वाद बरसाता, दौलतें – नियामतें लुटाता, वो पेड़, जिसकी छाँह में…..बने चबूतरे पर बैठ तमाम आला अफसरान की हुआ करती थीं बैठकें…..किस्म किस्म की चर्चाएं। यही नहीं, इन साहब ने एक लीची के पेड़ पर भी चलवा दी आरी….. और वजह ये कि उस मीठी लीची को खाने आती चिड़ियाँ और तोते…..समेत तमाम पक्षी करते बहुत थे चीं-चीं….. पक्षियों की चहचहाहट से, कोयल की कूक से….उन्हें होती थी दिक्कत, नहीं चाहते थे वो कि….. पक्षियों के पेड़ की डाल पर बैठने से नीचे ज़मीं पर होने वाली…..गंदगी उन्हें नज़र आए। कमाल ये कि….. जिस चंडीगढ़ में एक अदद पेड़ को कटवाने के लिए…..लेनी पड़ती हो तमाम सरकारी इजाजतें, वहां ऐसा हुआ कैसे….. क्यों नहीं आस पास और सामने रहने वाले बेहद जिम्मेवार अफसरों ने आवाज़ उठाई….. क्यों चुप्पी रही छाई….। बेहद हैरानी की ही बात है कि….. इतना लहीम शहीम पेड़ कटा होगा तो….. किसी ने तो देखा होगा, आस पड़ोस में तीन राज्यों (हरियाणा पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ ) के….. तमाम आला पुलिस अफसर हैं रहते, सिक्योरिटी के लिहाज से…..कुछ सड़कें एजेंसीज की निगाह में हैं रहती, फिर….. कैसे हुआ ये सब। बता दें आपको कि….. यहीं रह चुके और अब एनसीआर में बस चुके एक सूबे के डीजीपी….. ने जताई है पर्यावरण से जुडी जहां चिंता, कहा उन्होंने कि….. भारत देश, विश्व में ट्रीज पर पर्सन के चार्ट में….. है बहुत पीछे और नीचे। दुनिया में प्रति व्यक्ति के लिहाज से सबसे ज़्यादा पेड़ हैं कनाडा में 10163….. फिर ग्रीनलैंड में 4964, ऑस्ट्रेलिया में 3266, यूनाइटेड स्टेट्स में 699, फ्रांस में 203, इथियोपिया में 143, पडोसी मुल्क चीन में 130 पेड़, ब्रिटैन में 47 के मुकाबले….. भारत में सिर्फ 28 पेड़ ही खड़े दिखते हैं। ऐसे में पर्यावरणीय दृष्टि से स्थिति है….. विस्फोटक, फिर भी बेज़ुबाँ दरख़्तों की जान लेने के पीछे…. क्यूँ पड़े हैं अफसर, ये है चिंताजनक।
चर्चा यही है कि दो सूबों की राजधानी और….. केंद्रीय गृह मंत्रालय की…..सीधी निगरानी वाले प्रदेश में पर्यावरणीय नियमों पर चले कटारी, तो….. कोई कुछ बोले क्यूँ नहीं। वो भी तब जबकि, जुलाई 2024-25 में वन महोत्सव के दौरान….. पंजाब के राजयपाल और यूटी चंडीगढ़ के तत्कालीन प्रशासक बनवारी लाल पुरहित ने….. पंजाब राजभवन में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत….. लगाया था रूद्राक्ष का पौधा। मार्च 2025 में देश की प्रथम नागरिक….. महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पंजाब राजभवन में लगाया था….. पवित्र माने जाने वाले रूद्राक्ष का पौधा, जो आज भी है वहीँ लहलहाता। हैरानी की ही है बात कि….. चंडीगढ़ के वर्तमान प्रशासक एवं राजयपाल गुलाब चंद कटारिया ने तो….. चंद माह पहले सिटी ब्यूटीफुल के 23 स्थानों पर, पौधारोपण के दौरान….. लगाएं हैं रूद्राक्ष के पौधे। अचरज की ही है बात कि…. फिर ऐसा हुआ क्या कि…..एक अफसर की बेजा मनमानी ने…..करीब 30 फुट से ज्यादा ऊंचे….और लगभग इतने ही लम्बे समय से मुस्कुराते…..पेड़ को गिरवा दिया। प्रकृति से दुश्मनी मोल लेने वाले, पर्यावरण को नुक्सान पहुंचाने वाले….. और चंडीगढ़ की हरियाली साख पर….बट्टा लगाने वालों के दांत खट्टे करने वाला…. कोई सूरमा, क्या है यहाँ कोई ? यकीं मानिए…. कि जानना चाहता है इसका जवाब, हर कोई…..।।
नायाब मुस्कराहट…. बिखेरने लगी है पंजाब में प्यार
सर्व विदित तथ्य बन चुका है कि….. मुस्कराहट हो तो नायब सिंह सैनी वाली। हम फिर कह रहे हैं कि….हरियाणे के मुख्यमंत्री सैनी की मुस्कान….लेती और छीनती दिख रही है, उनके विरोधियों की नींद, चैन….आराम, दूसरे लफ़्ज़ों में कहें तो….जान। चर्चा मुस्कुराहट की दिल्ली दरबार तक है…. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भी…. जता चुके हैं इसे नायब सिंह के…. गुणों की खान। अब जो हवा चल रही है हरियाणा में, वही जाती है पंजाब में…. जानता है ये पार्टी नेतृत्व, तभी सौंप रखी है उन्हें…. पड़ोस संभाले रहने की कमान। हफ्ते में पहले दो दिन….बॉर्डर स्टेट में दस्तक देने वाली यही गुणों की खान, अब और तेजी से बिखेर रही है अपनी…. मोहक मुस्कान। डेरों और संत महात्माओं के आशीर्वाद से…. लगातार अभिसिंचित होती जा रही उनकी जिम्मेवारी…. बढ़ा रही है भाजपा के कुनबे को और…. दिखा रही है काफिले में जुड़ती संख्या…. प्यारी प्यारी। बंगाल में चुनाव के नतीजे सोमवार देर शाम या रात तक…. होंगे साफ़, मग़र पंजाब में कमल थामने वालों का ऊंचा होता जा रहा है….ग्राफ। तस्वीर कुछ यूं है बन रही रोज़ाना…. सुबह शाम संत कबीर कुटीर में मिलने वालों का….नज़राना. दिन दोपहर में पंजाब से मिले न्यौतों पे जाना…. गुरु घरों में सर नवाना…. मन्नत मांगना और जताना शुक्राना कि…. रब मेहर करे और, कमल खिलाने का मौक़ा…. मयस्सर करे। अब कबीर कुटिया में राम राम के बराबर ही…. लग रहे…. जो बोले सो निहाल, के जयकारे।।