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जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन, दूसरे दिन 5.18 गुना सब्सक्रिप्शन

30,213 करोड़ रुपये के इश्यू में संस्थागत निवेशकों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी, क्यूआईबी श्रेणी में 12.32 गुना बोलियां; 23 अक्टूबर को बंद होगा आईपीओ।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 23 अक्टूबर। मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों का जोरदार समर्थन मिल रहा है। सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन इस आईपीओ को कुल 5.18 गुना बोलियां मिलीं। सबसे ज्यादा मांग बड़े संस्थागत निवेशकों की ओर से देखने को मिली। 30,213 करोड़ रुपये का यह आईपीओ 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा।

कंपनी ने इस इश्यू के तहत करीब 19.75 करोड़ शेयरों की पेशकश की है, जबकि निवेशकों ने लगभग 102.03 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। आईपीओ खुलने के पहले दिन भी निवेशकों ने मजबूत दिलचस्पी दिखाई थी। बुधवार को खुलने के करीब 100 मिनट के भीतर ही यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था।

क्यूआईबी श्रेणी में 12.32 गुना मांग

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जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में सबसे ज्यादा मांग क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी श्रेणी में रही। इस श्रेणी को करीब 12.32 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। क्यूआईबी निवेशकों के लिए 4.90 करोड़ से अधिक शेयर आरक्षित थे, जबकि उनके लिए करीब 60.30 करोड़ शेयरों की बोलियां आईं।

गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) की श्रेणी में सब्सक्रिप्शन 5.43 गुना रहा। वहीं, खुदरा निवेशकों की श्रेणी को 1.47 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। खुदरा निवेशकों के लिए करीब 8.50 करोड़ शेयर आरक्षित किए गए थे, जबकि 12.52 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगाई गईं।

ग्रे मार्केट में 22 प्रतिशत से ज्यादा प्रीमियम

इन्वेस्टरगेन के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स के गैर-सूचीबद्ध शेयर ग्रे मार्केट में 247 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे थे। आईपीओ का ऊपरी मूल्य बैंड 1,119 रुपये प्रति शेयर है। इस आधार पर ग्रे मार्केट में संभावित लिस्टिंग कीमत करीब 1,366 रुपये आंकी गई, जो मूल्य बैंड से लगभग 22.07 प्रतिशत अधिक है।

हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक संकेतक होता है। यह शेयर बाजार में वास्तविक लिस्टिंग कीमत या निवेश पर मिलने वाले रिटर्न की गारंटी नहीं देता।

23 अक्टूबर को बंद होगा आईपीओ

जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ 23 अक्टूबर को बंद हो रहा है। कंपनी के इश्यू में नए शेयर जारी करने का प्रावधान भी शामिल है, जिससे प्राप्त राशि कंपनी को मिलेगी। नए शेयर जारी होने से कंपनी की पूंजी बढ़ सकती है, जबकि मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने से मिलने वाली रकम उन्हें प्राप्त होती है।

अब निवेशकों की नजरें आईपीओ के अंतिम दिन मिलने वाली बोलियों और शेयरों की संभावित लिस्टिंग पर टिकी हैं। हालांकि, मजबूत सब्सक्रिप्शन और ग्रे मार्केट प्रीमियम के बावजूद शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

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