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महाराष्ट्र में नवंबर के पहले सप्ताह में आएगी रासायनिक उद्योग नीति, वाढवण में बनेगा बड़ा औद्योगिक केंद्र

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘इंडिया केम 2026’ में की घोषणा, राज्य में रासायनिक उद्योग से जुड़े रोजगार के अवसर दोगुने करने की क्षमता पर दिया जोर।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 23 अक्टूबर। महाराष्ट्र में रासायनिक उद्योग में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार नवंबर के पहले सप्ताह में अलग रासायनिक उद्योग नीति जारी करेगी। इसके साथ ही पालघर जिले में वाढवण बंदरगाह के आसपास एक बड़ा रासायनिक उद्योग केंद्र विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह जानकारी दी।

गोरेगांव स्थित नेस्को एक्जिबिशन सेंटर में आयोजित ‘इंडिया केम 2026’ प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय रसायन मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल सहित कई नेता मौजूद रहे। प्रदर्शनी की थीम ‘एडवांटेज्ड भारत: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल हब’ रखी गई है।

आयात पर निर्भरता घटाने पर जोर

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मुख्यमंत्री फडणवीस के अनुसार, महाराष्ट्र में करीब 3,600 रासायनिक उद्योग हैं। देश के रासायनिक उद्योग के सकल मूल्यवर्धन में राज्य की हिस्सेदारी 19 प्रतिशत और निर्यात में 17 प्रतिशत है। सरकार ‘मैत्री’ और ‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ जैसी पहलों के जरिए निवेश को प्रोत्साहित कर रही है।

वाढवण बंदरगाह क्षेत्र में रासायनिक उद्योगों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इसके अलावा, बल्क ड्रग पार्क के माध्यम से सक्रिय औषधि घटकों का घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

तीन लाख लोगों को मिल रहा रोजगार

फडणवीस ने कहा कि रासायनिक उद्योग से निर्माण, दवा, वाहन, कपड़ा, कृषि और पैकेजिंग जैसे कई क्षेत्रों को लाभ मिलता है। अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और मूल्यवर्धित उत्पादों को प्रोत्साहन देकर वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति मजबूत की जा सकती है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, महाराष्ट्र में रासायनिक उद्योग फिलहाल करीब तीन लाख लोगों को रोजगार दे रहा है। इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर दोगुने करने की क्षमता है।

मध्य प्रदेश और ओडिशा ने भी बताईं निवेश की संभावनाएं

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं, प्लास्टिक पार्क और गैस आधारित उद्योगों में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया। वहीं, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पेट्रोकेमिकल, प्लास्टिक, हरित हाइड्रोजन और उर्वरक निर्माण क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने की बात कही।

केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाने, औद्योगिक सुरक्षा और खतरनाक रसायनों के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर दिया। गुजरात के राज्य मंत्री प्रफुल्ल बंसेरिया ने भी राज्य में रासायनिक उद्योग के विकास की जानकारी दी।

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