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जेवर एयरपोर्ट और उभरते इन्फ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम के लिए तैयार होगा इंडस्ट्री-रेडी मैनपावर| सिंगापुर में कौशल सहयोग को नई उड़ान, आईटीई कॉलेज सेंट्रल में एमओयू के साक्षी बने सीएम योगी आदित्यनाथ

एविएशन, डेटा सेंटर और मेक्ट्रॉनिक्स में उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण पर जोर

न्यूज़म ब्यूरो

सिंगापुर / लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को सिंगापुर दौरे के पहले दिन आईटीई कॉलेज सेंट्रल में आयोजित कार्यक्रम में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने से जुड़े समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर के साक्षी बने। यह पहल उत्तर प्रदेश के तेजी से विस्तारित हो रहे बुनियादी ढांचे और रोजगार तंत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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अपने सिंगापुर दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कॉलेज परिसर और एविएशन हब का निरीक्षण किया तथा उद्योगों के साथ एकीकृत प्रशिक्षण के वैश्विक मॉडल को ध्यान से देखा। उन्होंने प्रशिक्षण सुविधाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और व्यावहारिक शिक्षा प्रणाली की सराहना की।

 

मुख्यमंत्री ने आईटीई एजुकेशन सर्विसेज (आईटीईईएस) के साथ विस्तृत बैठक कर तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास के क्षेत्र में अनुभव, विशेषज्ञता और प्रशिक्षण मॉडल को साझा करने तथा मिलकर काम करने पर बातचीत की। 

 

उन्होंने सिंगापुर की आईटीई संस्था को उत्तर प्रदेश के साथ स्पष्ट और केंद्रित सहयोग के लिए आमंत्रित किया, जिसमें एविएशन, डेटा सेंटर संचालन और मेक्ट्रॉनिक्स (मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक तकनीक का संयोजन) जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। प्रस्तावित सहयोग के तहत ऐसे सुव्यवस्थित तरीके से तैयार और परिणामोन्मुख कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिनसे उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवा प्रतिभा विकसित हो सके। यह पहल राज्य के अगले चरण के इन्फ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास को मजबूत आधार देगी।

 

इस रूपरेखा के अंतर्गत उत्तर प्रदेश, आईटीई सिंगापुर जैसे अग्रणी संस्थानों के साथ मिलकर एविएशन एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस), कार्गो संचालन, मेक्ट्रॉनिक्स और एयरसाइड लॉजिस्टिक्स में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थापित कर सकता है। इससे जेवर एयरपोर्ट और व्यापक एविएशन इकोसिस्टम के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश सरकार इन एमओयू को शीघ्र अमल में लाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाएगी, ताकि प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

 

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