Indigenous Drone Technology के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाले सर्वेश शर्मा को राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने सम्मानित किया
हमीरपुर के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के छात्र ने भारतीय सेना के लिए Rudra AG T1 Drone विकसित किया है
न्यूज़म ब्यूरो
शिमला, 23 सितम्बर | Defence Innovation से जुड़ी उपलब्धि पर हिमाचल के राज्यपाल ने सर्वेश शर्मा की पहल की सराहना की।
उन्होंने ड्रोन की विशेषताओं, निर्माण के दौरान आई चुनौतियों और परियोजना की प्रेरणा के बारे में जानकारी ली।
राज्यपाल ने कहा कि स्वदेशी तकनीक का विकास आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है।
उन्होंने युवाओं से रोजगार तलाशने के साथ रोजगार पैदा करने की दिशा में भी काम करने को कहा।
शिमला में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने हमीरपुर के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के छात्र सर्वेश शर्मा को सम्मानित किया। सर्वेश शर्मा ने भारतीय सेना के लिए स्वदेशी ड्रोन विकसित किया है। उन्हें इस परियोजना के लिए रक्षा मंत्रालय से 3.5 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई है। राज्यपाल ने इस उपलब्धि को युवाओं की तकनीकी क्षमता और नवाचार की भावना से जोड़ते हुए उनकी सराहना की।
सर्वेश शर्मा द्वारा विकसित ड्रोन का नाम ‘रुद्र एज टी-1 (स्पेक्ट्रा)’ बताया गया है। राज्यपाल ने कहा कि रक्षा क्षेत्र के लिए स्वदेशी तकनीक पर काम करना तकनीकी क्षमता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सर्वेश के समर्पण, दूरदृष्टि और लगातार प्रयासों की भी प्रशंसा की।

Indigenous Drone Technology : स्वदेशी तकनीक पर राज्यपाल का जोर
Indigenous Drone Technology को लेकर राज्यपाल ने कहा कि देश में रक्षा क्षेत्र के लिए स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं का विकास जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियां युवाओं की प्रतिभा को सामने लाने के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में भी योगदान करती हैं।
राज्यपाल के अनुसार, नई तकनीक पर काम करने वाले युवाओं को केवल रोजगार की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें अपने कौशल और विचारों के जरिए नए अवसर तैयार करने की दिशा में भी प्रयास करना चाहिए। उन्होंने नवाचार और शोध को उच्च महत्व देने की बात कही।
Rudra AG T1 Drone : परियोजना की विशेषताओं पर बातचीत
Rudra AG T1 Drone को लेकर राज्यपाल ने सर्वेश शर्मा से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ड्रोन की प्रमुख विशेषताओं, इसके विकास के दौरान सामने आई चुनौतियों और इस परियोजना को शुरू करने की प्रेरणा के बारे में जानकारी ली।
राज्यपाल ने ड्रोन तकनीक को आगे और आधुनिक बनाने की योजनाओं पर भी चर्चा की। बातचीत के दौरान उन्होंने यह जानने में रुचि दिखाई कि परियोजना के विकास में किन तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सर्वेश की भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी ली गई।
राज्यपाल ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं में मौजूद तकनीकी क्षमता को सही दिशा और अवसर मिलना जरूरी है। उनके मुताबिक ऐसे प्रयास शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
Defence Innovation : सेना के लिए तकनीकी समाधान की दिशा
Defence Innovation के संदर्भ में सर्वेश शर्मा की उपलब्धि को सामने रखा गया। भारतीय सेना के लिए ड्रोन विकसित करने के लिए रक्षा मंत्रालय से 3.5 करोड़ रुपये की अनुदान राशि मिलना इस परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
राज्यपाल ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में तकनीकी जरूरतों को समझकर स्थानीय स्तर पर समाधान विकसित करने से देश की तकनीकी क्षमता मजबूत हो सकती है। उन्होंने युवाओं को अनुसंधान और तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में अधिक सक्रिय होने की अपील की।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों को ऐसे वातावरण पर काम करना चाहिए, जहां विद्यार्थियों को अपने विचारों को परियोजनाओं में बदलने का अवसर मिले। इससे शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव भी विकसित होता है।
Self-Reliant India : युवाओं से रोजगार प्रदाता बनने का आह्वान
Self-Reliant India की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश के युवाओं से सर्वेश शर्मा से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा नवाचार, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता में समर्पण के साथ आगे बढ़ें।
राज्यपाल ने कहा कि रोजगार पाने की कोशिश के साथ रोजगार के अवसर पैदा करने की सोच भी विकसित होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल नए समाधान और नए अवसर तैयार करने में करने को कहा।
उन्होंने सर्वेश शर्मा की भविष्य की योजनाओं की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि युवा अपनी प्रतिभा का उपयोग देश की तकनीकी और औद्योगिक जरूरतों से जोड़ते हुए आगे बढ़ेंगे।
सर्वेश शर्मा की उपलब्धि से सामने आई तकनीकी क्षमता
हमीरपुर के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के छात्र सर्वेश शर्मा की यह परियोजना हिमाचल के तकनीकी विद्यार्थियों की संभावनाओं को भी सामने लाती है। ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक पर काम करते हुए उन्होंने रक्षा क्षेत्र से जुड़ी परियोजना के लिए अनुदान हासिल किया है।
कार्यक्रम में उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौर और पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह भी मौजूद रहे। राज्यपाल ने सर्वेश शर्मा से संवाद के बाद उनकी परियोजना और भविष्य की योजनाओं के लिए शुभकामनाएं दीं।
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