गीतांजलि एक्सप्रेस में कैंसर मरीज की मौत, टाटानगर स्टेशन पर रात 8:30 बजे उतारा गया शव,सुबह दी गई थी मौत की सूचना
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 26 अक्टूबर। मुंबई से हावड़ा जा रही गीतांजलि एक्सप्रेस में एक कैंसर मरीज की मौत के बाद रेलवे की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों का आरोप है कि 45 वर्षीय बिनोद पासवान की मौत की सूचना शनिवार, 24 अक्टूबर की सुबह ही ट्रेन के कर्मचारियों को दे दी गई थी। इसके बावजूद उनका शव करीब 12 घंटे तक कोच में पड़ा रहा। यात्रियों को शव के साथ सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा। आखिरकार रात करीब 8:30 बजे झारखंड के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर शव को ट्रेन से उतारा गया।
सुबह दी गई थी मौत की सूचना
यात्रियों के मुताबिक, बिनोद पासवान गीतांजलि एक्सप्रेस के एम-2 कोच में सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई। यात्रियों का कहना है कि सुबह करीब 8 बजे ट्रेन के टिकट जांचकर्ता (टीटीई) को घटना की जानकारी दे दी गई थी। इसके बाद मृतक की स्थिति की पुष्टि और आवश्यक औपचारिकताओं के लिए चिकित्सा सहायता की जरूरत थी। हालांकि, यात्रियों ने आरोप लगाया कि सूचना दिए जाने के बावजूद शव को ट्रेन से उतारने और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने में कई घंटे लग गए।
शव के साथ यात्रा करने से यात्री परेशान
कोच में लंबे समय तक शव पड़े रहने से यात्रियों को परेशानी और असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने रेलवे अधिकारियों से तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और शव को ट्रेन से उतारने की मांग की। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद काफी देर तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
यात्रियों के अनुसार, इस मामले में समय रहते कदम उठाए जाते तो सहयात्रियों को इस तरह की स्थिति से नहीं गुजरना पड़ता। उन्होंने रेलवे प्रशासन से ऐसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई और यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखने की मांग की।
सोशल मीडिया पर रेल मंत्री से शिकायत
यात्रियों का कहना है कि लंबे समय तक समाधान नहीं मिलने पर शाम करीब 7 बजे एक यात्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से मामले को उठाया। उसने अपनी पोस्ट में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग किया। इसके साथ ही रेल मदद शिकायत मंच पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, ताकि रेलवे प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित किया जा सके।
टाटानगर स्टेशन पर उतारा गया शव
यात्रियों के मुताबिक, रात करीब 8:30 बजे गीतांजलि एक्सप्रेस के टाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर बिनोद पासवान का शव ट्रेन से उतारा गया। सुबह मौत की सूचना मिलने से लेकर शव उतारे जाने तक करीब 12 घंटे का समय बीत गया।
फिलहाल, इस मामले में यात्रियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर रेलवे प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटना ने ट्रेन में किसी यात्री की मौत होने की स्थिति में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने, आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और शव को समय पर ट्रेन से उतारने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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