मुख्य सचिव ने विभागों को दिए एआई स्किलिंग बढ़ाने के निर्देश
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 6 अप्रैल। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सरकारी कर्मचारियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) स्किलिंग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। यह प्रशिक्षण आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, प्रशिक्षण संस्थानों, बोर्डों, निगमों तथा विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजा गया है। यह पहल राज्य सरकार के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिनके तहत अधिकारियों-कर्मचारियों को उभरती डिजिटल क्षमताओं से लैस कर अधिक दक्ष, उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था विकसित की जा रही है।
मिशन कर्मयोगी के तहत राष्ट्रीय डिजिटल लर्निंग पोर्टल आईजीओटी कर्मयोगी पर सार्वजनिक प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के लिए निःशुल्क, स्वयं-गति (सैल्फ पेस्ड) और प्रमाणित एआई पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इन पाठ्यक्रमों को कर्मचारी अपनी सुविधा अनुसार बिना नियमित कार्य प्रभावित किए पूरा कर सकते हैं। राज्य के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) द्वारा इस पहल को सक्रिय रूप से समर्थन दिया जा रहा है। प्रशासन में एआई के उपयोग से निर्णय लेने की प्रक्रिया में सुधार, डेटा आधारित नीति निर्माण तथा सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में बढ़ोतरी की संभावना है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए सुझाए गए एआई पाठ्यक्रमों में बुनियादी अवधारणाओं से लेकर प्रशासन में उन्नत उपयोग तक के विषय शामिल हैं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र में दक्षता के लिए जनरेटिव एआई, शहरी प्रशासन में एआई आधारित डिजिटल परिवर्तन, ग्रामीण विकास और शिक्षा में एआई का उपयोग तथा माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट जैसे उत्पादकता उपकरणों से संबंधित कार्यक्रम शामिल हैं। ये पाठ्यक्रम कर्मयोगी भारत, नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (एमईआईटीवाई), वाधवानी फाउंडेशन, माइक्रोसॉफ्ट और इन्वेस्ट इंडिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
सरकारी कर्मचारियों को आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर लॉग-इन कर इन पाठ्यक्रमों में नामांकन करने और अपने कौशल को उन्नत बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, ताकि वे डिजिटल रूप से सशक्त प्रशासन के निर्माण में योगदान कर सकें।
हरियाणा सरकार ने लगाए लिंक अधिकारी
हरियाणा सरकार ने विभागों का सुचारू कार्य संचालन सुनिश्चित करने के मकसद से लिंक अधिकारी नामित किए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेशानुसार, यदि स्थानांतरण, सेवानिवृत्ति, अवकाश, प्रशिक्षण, दौरे अथवा चुनावी कार्य के कारण सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त एवं सचिव का पद रिक्त रहता है, तो मानव संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव लिंक अधिकारी-1 जबकि वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-1 लिंक अधिकारी-2 के तौर पर काम करेंगे।
मानव संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव की अनुपस्थिति में सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त एवं सचिव लिंक अधिकारी-1 जबकि वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-2 लिंक अधिकारी-2 के रूप में कार्य करेंगे। वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-1 की अनुपस्थिति में वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-2 लिंक अधिकारी-1 जबकि सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त एवं सचिव लिंक अधिकारी-2 का काम देखेंगे। इसी तरह, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-2 के मामले में वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-1 लिंक अधिकारी-1 तथा मानव संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव लिंक अधिकारी-2 के तौर पर काम करेंगे। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अवकाश, प्रशिक्षण, दौरे अथवा चुनावी कार्य हेतु जाने वाले अधिकारी को अपने नामित लिंक अधिकारी को अग्रिम तौर पर सूचित करना अनिवार्य होगा।
ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ पदों में आरक्षण का मामला, मुख्य सचिव ने दिए रोस्टर रजिस्टर सत्यापित कराने के निर्देश
हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण नीति का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी प्रशासनिक विभागों, बोर्डों, निगमों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ पदों के लिए रोस्टर रजिस्टर तैयार करने, अद्यतन करने तथा सत्यापित कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार सभी विभागों को सटीक और अद्यतन रोस्टर रजिस्टर कायम रखने तथा उसे अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से विधिवत सत्यापित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इन निर्देशों में कहा गया है कि 7 अक्टूबर, 2023 को जारी निर्देशों के तहत ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणियों में अनुसूचित जाति कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ प्रदान किया गया था। यह भी स्पष्ट किया गया है कि 15 जुलाई, 2014 के दिशानिर्देशों के अनुसार निर्धारित रोस्टर बिंदु यथावत लागू रहेंगे और यह प्रावधान सीधी भर्ती तथा पदोन्नति, दोनों पर समान रूप से लागू होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रुप ‘सी’ और ‘डी’ कर्मचारियों के लिए रोस्टर प्रबंधन से संबंधित सभी दिशानिर्देश जो 24 सितम्बर, 2008 और 22 अक्टूबर, 2008 को जारी किए गए थे, उन्हें उच्च श्रेणियों में आरक्षण लाभ लागू करते समय सख्ती से अपनाया जाए। “रिप्लेसमेंट थ्योरी” सहित रोस्टर बिंदुओं के उचित अनुप्रयोग से संबंधित सभी सिद्धांतों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।