दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए Delhi Bus Management प्रणाली को आधुनिक बनाने की तैयारी कर रही है
प्रस्तावित व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल होगा
न्यूज़म ब्यूरो
दिल्ली, 14 सितंबर | दिल्ली परिवहन निगम के करीब 6,269 बसों को इस व्यवस्था से जोड़े जाने की योजना है। इनमें 4,500 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें हैं। नई प्रणाली में इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग, बेड़े के इस्तेमाल, रखरखाव, यात्रियों की संख्या और सीसीटीवी निगरानी से जुड़े फीचर भी शामिल होंगे। सरकार ने इस परियोजना के लिए विशेषज्ञ कंपनी की नियुक्ति को लेकर निविदा जारी की है।
Delhi Bus Management System में AI का इस्तेमाल
दिल्ली सरकार मौजूदा बस प्रबंधन प्रणाली को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग से जोड़ने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य राजधानी में बस सेवाओं के संचालन और निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाना है। अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था से बसों के संचालन में दक्षता और समय की पाबंदी सुधारने में मदद मिल सकती है।
सरकार ने इस व्यवस्था को तैयार करने के लिए विशेषज्ञ कंपनी की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की है। दिल्ली परिवहन निगम ने अलग-अलग विशेषज्ञों से प्रस्ताव मांगने के लिए निविदा जारी की है। प्रस्तावित प्रणाली इलेक्ट्रिक, सीएनजी और अन्य ईंधन वाली बसों के संचालन को संभालेगी।
Delhi Bus Management में बसों की निगरानी
नई प्रणाली में इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनों के जारी करने और आवंटन की व्यवस्था शामिल होगी। बस, चालक और परिचालक के साथ टिकटिंग मशीनों की मैपिंग की जाएगी। मशीनों की वापसी, स्थिति और इस्तेमाल की भी निगरानी की जाएगी।
प्रणाली को किराया संग्रह व्यवस्था से पूरी तरह जोड़ा जाएगा। इससे टिकटिंग से जुड़े आंकड़ों का स्वतः मिलान और सत्यापन हो सकेगा। राजस्व की गणना और संचालन संबंधी रिपोर्ट भी तैयार की जा सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, इसमें मैनुअल हस्तक्षेप कम करने का प्रयास होगा।
AI से बसों की देरी और रूट की जानकारी
प्रस्तावित व्यवस्था में ऐतिहासिक और वास्तविक समय के यातायात आंकड़ों का इस्तेमाल होगा। इससे बसों के पहुंचने के अनुमान को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यात्रियों को बस के संभावित पहुंचने के समय की अधिक सटीक जानकारी मिल सकती है।
प्रणाली बसों की देरी का अनुमान भी लगाएगी। यातायात पुलिस द्वारा मार्ग में बदलाव होने पर बसों के रूट को वास्तविक समय में बदला जा सकेगा। इसके अलावा मार्गों का अनुकूलन और बसों की तैनाती भी तकनीक के माध्यम से की जाएगी।
Delhi Bus Management में इलेक्ट्रिक बसों पर जोर
दिल्ली परिवहन निगम के पास फिलहाल करीब 6,269 बसें हैं। इनमें 4,500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इन बसों का संचालन शहर के 52 डिपो से किया जा रहा है। सरकार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है।
नई प्रणाली में इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने का फीचर होगा। बसों के इस्तेमाल को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बेड़े का अनुकूलन किया जाएगा। डिपो आवंटन और चालक-परिचालक की ड्यूटी तय करने में भी प्रणाली मदद करेगी।
दिल्ली में 2028-29 तक बढ़ेगा बसों का बेड़ा
यह प्रस्ताव दिल्ली सरकार की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार की योजना के बीच आया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछले महीने बसों की संख्या बढ़ाने की योजना बताई थी। सरकार 2028-29 तक बसों का बेड़ा 14,000 तक करने की दिशा में काम कर रही है। बस डिपो की संख्या भी बढ़ाकर 90 तक करने की योजना बताई गई है।
नई तकनीक के साथ बढ़ते बस बेड़े का संचालन करने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में रखरखाव और संचालन संबंधी कई काम तकनीक आधारित होंगे। इससे बसों की स्थिति पर लगातार नजर रखने में मदद मिलेगी।
AI से रखरखाव और यात्री निगरानी
नई व्यवस्था में बसों के रखरखाव के लिए पूर्वानुमान आधारित तकनीक का इस्तेमाल होगा। इससे संभावित खराबी की पहचान पहले करने में मदद मिल सकती है। इलेक्ट्रिक बसों की बैटरी में गिरावट का अनुमान लगाने वाला फीचर भी प्रस्तावित है।
इसके अलावा सीसीटीवी और यात्रियों की संख्या की निगरानी भी प्रणाली का हिस्सा होगी। संचालन में असामान्य गतिविधियों की पहचान के लिए भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य तकनीक के जरिए बस संचालन और निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
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