जोर देते हुए कहा कि एफआईआर में उल्लिखित किसी भी स्कैनर पैन की बरामदगी नही हुई जिसके बारे मुख्यमंत्री ने बताया कि पेपर लीक होने के लिए इस्तेमाल किया गया था
मांग की कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराई जानी चाहिए
मुख्यमंत्री सहित आम आदमी पार्टी पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए बीबा हरसिमरत कौर बादल ने कहा,‘‘ सच्चाई यह है कि परीक्षा का पेपर पहले ही लीक हो गया था, जैसा कि एफआईआर में देखा जा सकता है, परीक्षा केंद्र से कोई स्कैनर पैन जब्त नही किया गया था। एफआईआर में केवल हेडफोन के साथ ब्लूटूथ डिवाइस की जब्ती की सूची है। इसका मतलब है कि पेपर पहले से ही लीक हो गया था और ब्लूटूथ के माध्यम से छात्रों को जबाव दिए जा रहे थे।’’
बीबा बादल ने यह कहते हुए कि केवल एक निष्पक्ष जांच से ही मामले की सच्चाई सामने आ सकती है और परीक्षा देने वाले 7000 छात्रों को न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होने कहा ,‘‘ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के एक मौजूदा न्यायाधीश को इस मामले की जांच करने और सभी दोषियों को सजा दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए।’’
बठिंडा सांसद ने शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस से तुरंत इस्तीफे की मांग की। उन्होने कहा,‘‘ जिन स्कूलों में फाॅर्मेसी अधिकारी का पेपर आयोजित किया गया , वे बैंस के अधीन हैं, जो शिक्षक निगरानी डयूटी पर थे, वे भी उनके अधीन हैं। वह किसी और पर दोषी मढ़ने की कोशिश करके जिम्मेदारी से बच नही सकते। इसके अलावा, जिस तरह से इसे धोखाध़ड़ी का मामला बनाने की कोशिश कर पूरे मामले को छिपाने की कोशिश की,उससे पता चलता है कि उनके पास छिपाने के लिए बहुत कुछ है। एक बार जब वह अपना इस्तीफा दे देंगें तो सच्चाई सामने आने लगेगी।’’
अकाली नेता ने इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के कनवीनर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। उन्होने कहा कि एक ओर तो जंतर-मंतर दौरे के दौरान दोनो नेताओं ने दावा किया कि पंजाब में किसी भी पेपर लीक की स्थिति में तत्काल बर्खास्तगी की जाएगी, वहीं दूसरी ओर उन्होने फाॅर्मेसी अधिकारियों के पेपर लीक के लिए हरजोत बैंस के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की। उन्होने कहा कि अब यह साबित हो गया कि फाॅर्मेसी के पेपर के अलावा पंजाब में छह पेपर लीक हुए हैं, जिनमें नायब तहसीलदार पेपर लीक, टीईटी पेपर लीक, पीएसईबी कक्षा बारहवीं का अंग्रेजी का पेपर लीक, कृषि विकास अधिकारियों का पेपर लीक, पीएसएसएसबी ग्रुप बी अधिकारी पेपर लीक शामिल है, जिनसे कुल पांच लाख छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होने कहा,‘‘ हरजोत बैंस और इस स्थिति के लिए जिम्मेदार सभी मंत्रियों को बर्खास्त करने के बजाय आम आदमी पार्टी की लीडरशीप इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है।’’
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