राहुल गुप्ता
मुंबई, 2 अक्टूबर। गोरेगांव के सार्वजनिक शौचालय में जहरीली गैस की चपेट में आने से दो युवकों की मौत के मामले की शुरुआती जांच में अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों युवकों के शौचालय में प्रवेश करने से कुछ मिनट पहले दो लोगों ने वहां रासायनिक कचरा डाला था। ये दोनों फिलहाल फरार हैं। इसके कुछ ही देर बाद दो स्थानीय युवक शौचालय के अंदर गए और फिर बाहर नहीं निकल सके।
मृतकों की पहचान प्रभाकर धीवर (24) और भाविक देसाई (18) के रूप में हुई है। पुलिस को शुरुआती जांच में आशंका है कि रासायनिक कचरे से हाइड्रोक्लोरिक और सल्फ्यूरिक एसिड की प्रतिक्रिया के कारण शौचालय के अंदर जहरीले धुएं बने होंगे। हालांकि मौत की अंतिम वजह अभी स्पष्ट नहीं है और पुलिस फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट से शौचालय तक पहुंचा रासायनिक कचरा
पुलिस के अनुसार, रामधनी यादव करीब 200 वर्ग फुट की जगह में इलेक्ट्रोप्लेटिंग का काम करता था। इस काम में हाइड्रोक्लोरिक और सल्फ्यूरिक एसिड के साथ कास्टिक सोडा का इस्तेमाल किया जाता था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रविवार तड़के दोनों युवकों के शौचालय में जाने से कुछ समय पहले यूनिट में काम करने वाले कर्मचारियों ने कथित तौर पर रासायनिक कचरा सार्वजनिक शौचालय में डाल दिया था। पुलिस को संदेह है कि कर्मचारी नियमित रूप से ऐसा करते थे और उन्हें लगता था कि सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल नहीं होता।
चार लोगों पर मामला, एक गिरफ्तार
वानराई पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक नवींचंद्र चावला, किरायेदार और इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट संचालक रामधनी यादव तथा उसके दो कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। नवींचंद्र चावला को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, रामधनी यादव घटना से करीब एक सप्ताह पहले उत्तर प्रदेश स्थित अपने पैतृक गांव चला गया था और कारोबार अपने कर्मचारियों के भरोसे छोड़ गया था। दोनों कर्मचारी फिलहाल फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम उत्तर प्रदेश भेजी गई है।
शौचालय में बेहोश मिले थे दोनों युवक
दोनों युवक रविवार तड़के करीब 2:30 बजे राम मंदिर ईस्ट में पारसी पंचायत गेट और मृणालताई ब्रिज के पास स्थित सार्वजनिक शौचालय गए थे। जब वे काफी देर तक वापस नहीं आए तो उनके दोस्तों ने तलाश शुरू की।
एक क्यूबिकल में प्रभाकर धीवर बेहोश मिले। दोस्तों ने उन्हें जोगेश्वरी ट्रॉमा केयर अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद भाविक देसाई दूसरे क्यूबिकल में बेहोश मिले। दोस्तों ने दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। डॉक्टरों ने दोनों को अस्पताल में भर्ती करने से पहले ही मृत घोषित कर दिया।
एफएसएल रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
भाविक देसाई के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पास की इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट से रासायनिक कचरा नाले में पहुंचा, जिससे शौचालय में जहरीली गैस बनी।
घटना के बाद बीएमसी, दमकल विभाग और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों ने मौके का निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में अधिकारियों ने भी आशंका जताई कि शौचालय में हानिकारक रसायन डाले जाने के बाद जहरीले धुएं निकल सकते हैं।
पुलिस ने यादव की यूनिट से करीब 35 लीटर रसायन बरामद किया है। इसका नमूना जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेजा गया है। मृतकों के विसरा के नमूने भी एफएसएल भेजे गए हैं। पुलिस के अनुसार, अंतिम पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने तक मौत की निश्चित वजह निर्धारित नहीं की जा सकती।
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