Chandigarh Health Service Rules 2026 को लेकर आम आदमी पार्टी के पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने आपत्ति जताई
उन्होंने पंजाब और हरियाणा के बीच 60:40 व्यवस्था का उल्लेख करते हुए दावा किया कि प्रस्तावित बदलावों से पंजाब का हिस्सा करीब 36 प्रतिशत रह सकता है
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 16 सितंबर | Chandigarh Health Service Rules 2026 के प्रस्तावित प्रावधानों पर बलतेज पन्नू ने पंजाब के हिस्से को लेकर सवाल उठाए। चंडीगढ़ प्रशासन के मसौदे में चिकित्सा अधिकारियों के पदों पर प्रतिनियुक्ति और सीधी भर्ती का प्रावधान है। पन्नू ने केंद्र से नियमों की समीक्षा की मांग करते हुए पंजाब के पुनर्गठन से जुड़े अधिकारों को ध्यान में रखने की अपील की।
बलतेज पन्नू ने दावा किया कि नए प्रावधानों से चंडीगढ़ में पंजाब का हिस्सा प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने पंजाब और हरियाणा के बीच चली आ रही 60:40 व्यवस्था का भी उल्लेख किया।
उनके अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था में पंजाब का हिस्सा करीब 36 प्रतिशत रह सकता है।
हालांकि, चंडीगढ़ प्रशासन के सार्वजनिक मसौदे में चिकित्सा अधिकारी पदों के लिए अलग भर्ती प्रावधान दिए गए हैं।
मसौदे में 60 प्रतिशत पद प्रतिनियुक्ति से भरने का प्रावधान है।
शेष 40 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरने का प्रस्ताव है।
Chandigarh Health Service Rules 2026 पर पन्नू की आपत्ति
बलतेज पन्नू ने कहा कि यह मामला केवल भर्ती नियमों तक सीमित नहीं है।
उन्होंने इसे चंडीगढ़ में पंजाब के अधिकारों से जुड़ा विषय बताया।
उनके अनुसार, पंजाब के पुनर्गठन के समय बनी व्यवस्थाओं को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।
पन्नू ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है।
उन्होंने दावा किया कि चंडीगढ़ के निर्माण के दौरान पंजाब के कई गांव प्रभावित हुए थे।
इसी आधार पर उन्होंने पंजाब के हिस्से की सुरक्षा की मांग रखी।
उन्होंने केंद्र से कहा कि प्रस्तावित नियमों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उनके अनुसार, नई व्यवस्था से पुराने हिस्से और अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए।
60:40 व्यवस्था को लेकर क्या बोले पन्नू
बलतेज पन्नू ने अपने बयान में पंजाब और हरियाणा के बीच 60:40 व्यवस्था का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पहले चिकित्सा सेवाओं में पंजाब का हिस्सा 60 प्रतिशत था।
हरियाणा का हिस्सा 40 प्रतिशत बताया गया।
पन्नू के अनुसार, प्रस्तावित बदलावों के बाद स्थिति अलग हो सकती है।
उन्होंने कहा कि 40 प्रतिशत पद अलग प्रशासनिक संवर्ग में जाने की बात है।
बाकी 60 प्रतिशत पदों को दोनों राज्यों के बीच बांटने का दावा किया गया।
इसी गणना के आधार पर उन्होंने पंजाब का हिस्सा करीब 36 प्रतिशत बताया।
यह आंकड़ा उनके बयान में प्रस्तावित व्यवस्था की उनकी व्याख्या पर आधारित है।
चंडीगढ़ प्रशासन के मसौदे में चिकित्सा अधिकारी पदों के लिए प्रतिनियुक्ति और सीधी भर्ती का अनुपात दिया गया है।
मसौदे में 60 प्रतिशत पद प्रतिनियुक्ति और 40 प्रतिशत सीधी भर्ती के लिए रखे गए हैं।
पंजाब के अधिकारों का मुद्दा उठाया
पन्नू ने अपने बयान में पंजाब से जुड़े अन्य मुद्दों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पंजाब के अधिकारों से जुड़े विषय लगातार सामने आ रहे हैं।
उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़े पाठ्यक्रम के मुद्दे का भी जिक्र किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के अधिकार एक-एक करके कमजोर किए जा रहे हैं।
यह उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा है।
उन्होंने केंद्र सरकार से इन मुद्दों पर ध्यान देने की मांग की।
भाजपा पर भी उठाए सवाल
बलतेज पन्नू ने भाजपा की पंजाब को लेकर राजनीति पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में सरकार बनाने की बात करती है।
इसके साथ ही उन्होंने पंजाब के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए।
पन्नू ने सवाल किया कि पंजाब का स्थापित हिस्सा कम होने की स्थिति क्यों बने।
उन्होंने केंद्र से पंजाब के हितों को ध्यान में रखने की मांग की।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नियमों में अलग प्रशासनिक संवर्ग बनाने का प्रावधान है।
उनके अनुसार, इससे पंजाब के हिस्से पर असर पड़ने की आशंका है।
केंद्र से नियमों की समीक्षा की मांग
बलतेज पन्नू ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित नियमों की समीक्षा करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पंजाब के पुनर्गठन से जुड़े अधिकारों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
उन्होंने मौजूदा व्यवस्था में बदलाव से पहले सभी पक्षों पर विचार करने की बात कही।
चंडीगढ़ प्रशासन ने अगस्त 2026 में इन नियमों का मसौदा सार्वजनिक किया था।
प्रशासन ने संबंधित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव मांगे थे।
मसौदा सामान्य ड्यूटी चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों से जुड़ा है।
इसमें भर्ती, प्रतिनियुक्ति और सेवा से जुड़े विभिन्न प्रावधान शामिल हैं।
प्रस्तावित नियमों के तहत कुछ चिकित्सा अधिकारियों को रक्षा सेवाओं में सेवा देनी पड़ सकती है।
इस प्रावधान को लेकर भी सार्वजनिक रिपोर्टों में जानकारी सामने आई है।
फिलहाल प्रस्तावित नियमों पर अंतिम निर्णय की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
इसलिए आगे होने वाले बदलाव संबंधित सुझावों और आपत्तियों पर निर्भर करेंगे।
पंजाब के हिस्से को लेकर बलतेज पन्नू की आपत्ति इसी मसौदे के संदर्भ में सामने आई है।
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