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MPD 2047 : 50 साल पुरानी हाउसिंग सोसायटियों के पुनर्विकास की तैयारी

Meeting on redevelopment of old housing societies under MPD 2047 Meeting on redevelopment of old housing societies under MPD 2047
Meeting on redevelopment of old housing societies under MPD 2047

दिल्ली की पुरानी हाउसिंग सोसायटियों के पुनर्विकास पर चर्चा तेज हो गई है
दिल्ली विकास प्राधिकरण ने इस दिशा में हितधारकों से सुझाव लिए हैं

न्यूज़म ब्यूरो

नई दिल्ली, 16 सितंबर | दिल्ली में पुरानी हाउसिंग सोसायटियों के पुनर्विकास को लेकर DDA ने बैठक की। MPD 2047 के तहत अतिरिक्त आवासीय इकाइयों, खुले स्थान, पार्किंग और संरचनात्मक सुरक्षा पर चर्चा हुई।

Redevelopment Preparation Under MPD 2047
Redevelopment Preparation Under MPD 2047

MPD 2047 के तहत पुनर्विकास की तैयारी

DDA ने सोमवार को चौथी हितधारक बैठक आयोजित की।
इस बैठक में मौजूदा समूह आवास और आवासीय सोसायटियों पर चर्चा हुई।
बैठक का मुख्य फोकस पुराने आवासीय क्षेत्रों के पुनर्विकास पर रहा।

अधिकारियों ने फर्श क्षेत्र अनुपात बढ़ाने के प्रस्ताव की जानकारी दी।
प्रोत्साहन आधारित फर्श क्षेत्र अनुपात पर भी चर्चा की गई।
इसके अलावा घनत्व संबंधी नियमों को तर्कसंगत बनाने का सुझाव सामने आया।
आसपास के भूखंडों को मिलाकर विकास करने पर भी विचार हुआ।

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प्रस्तावित ढांचे का उद्देश्य पुराने आवासीय क्षेत्रों का बेहतर इस्तेमाल करना है।
इसके साथ आवासीय इकाइयों की संख्या बढ़ाने की संभावना भी है।
खुले स्थानों और पार्किंग सुविधाओं में सुधार पर भी जोर दिया गया।

पुरानी सोसायटियों में सुविधाओं पर जोर

DDA की चर्चा में केवल भवनों का पुनर्निर्माण ही शामिल नहीं रहा।
बैठक में आसपास की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी बात हुई।
सड़क नेटवर्क और पार्किंग व्यवस्था इसके प्रमुख हिस्से रहे।

खुले स्थानों को बेहतर तरीके से विकसित करने पर भी विचार किया गया।
टिकाऊ विकास से जुड़े प्रावधानों पर भी अधिकारियों ने जानकारी दी।
कचरा प्रबंधन को भी पुनर्विकास ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।

प्रस्तावित व्यवस्था के जरिए पुराने क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार किया जा सकता है।
हालांकि, इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होगा।
इसी मुद्दे को लेकर सोसायटी प्रतिनिधियों ने कई सुझाव दिए।

हाउसिंग सोसायटियों ने रखी अपनी मांगें

Housing Societies Put Forward Their Demands
Housing Societies Put Forward Their Demands

बैठक में हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधियों ने कार्यान्वयन को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने पुनर्विकास के लिए अधिक स्वीकार्य फर्श क्षेत्र अनुपात की मांग की।
प्रतिनिधियों ने मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाने का सुझाव भी दिया।

उन्होंने कई एजेंसियों की मंजूरी के लिए एकल खिड़की व्यवस्था मांगी।
इससे पुनर्विकास परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया आसान हो सकती है।
पुरानी इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा जांच की मांग भी उठी।

प्रतिनिधियों ने कहा कि पुनर्विकास से पहले भवनों की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
इससे सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर समय रहते ध्यान दिया जा सकेगा।
DDA ने समयबद्ध शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी भी दी।

उद्योग क्षेत्र पर भी हुई बैठक

DDA ने मंगलवार को पांचवीं हितधारक बैठक आयोजित की।
इस बैठक में उद्योग और व्यापार संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में राजधानी में औद्योगिक विकास से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा हुई।

बैठक में भारतीय उद्योग परिसंघ और अन्य संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरतों पर भी विचार किया गया।
DDA की जमीन निजी क्षेत्र को उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

संस्थागत सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े ढांचे पर भी बातचीत हुई।
अधिकारियों ने उद्योग क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों की जानकारी साझा की।
हितधारकों ने योजना के क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव रखे।

तीन महीने तक चलेगा हितधारक संपर्क कार्यक्रम

Three-Month Stakeholder Outreach Programme
Three-Month Stakeholder Outreach Programme

DDA तीन महीने के हितधारक संपर्क कार्यक्रम के तहत बैठकें कर रहा है।
इस पहल के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए जा रहे हैं।
आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों के अलावा अन्य समूह भी इसमें शामिल हैं।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य योजना के प्रावधानों को बेहतर तरीके से समझाना है।
साथ ही, हितधारकों की चिंताओं को दर्ज करने पर भी जोर है।
प्राप्त सुझावों को योजना लागू करने की प्रक्रिया में देखा जाएगा।

पुरानी आवासीय सोसायटियों के पुनर्विकास का मुद्दा दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण है।
ऐसे क्षेत्रों में भवनों की उम्र के साथ सुविधाओं की जरूरत भी बढ़ती है।
इसलिए पुनर्विकास में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का संतुलन जरूरी है।

फिलहाल, संबंधित प्रस्ताव हितधारक चर्चा और सुझाव लेने की प्रक्रिया में हैं।
आगे की व्यवस्था अंतिम प्रावधानों और संबंधित निर्णयों पर निर्भर करेगी।

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