Follow

पीएम मोदी से बात करते हुए भावुक हुए कैप्टन स्मित मच्छार, बताया कैसे बचाई 174 यात्रियों की जान

राहुल गुप्ता
मुंबई, 2 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत की और उनकी सेहत का हाल जाना। बातचीत के दौरान मच्छार ने उस घटना के बारे में बताया, जब कॉकपिट में कथित हमले के बाद उन्होंने घायल होने के बावजूद विमान को संभाला और सुरक्षित लैंडिंग कराई। पीएम मोदी ने उनके साहस और सूझबूझ की सराहना करते हुए जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

‘हम हिंदुस्तानी जान बचाने वाले हैं’

पीएम मोदी ने बातचीत की शुरुआत स्मित मच्छार की तबीयत पूछकर की। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ की वजह से उन्होंने कुछ ही पलों में कई फैसले लिए और लोगों की जान बचाई।

पीएम मोदी ने कहा, “आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले लोग नहीं हैं, जान बचाने वाले लोग हैं।” उन्होंने मच्छार से कहा कि जब भी उन्हें उनकी जरूरत हो, वह सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी पर हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत उनकी वापसी का इंतजार कर रहा है।

‘मुझे पता था, यह आखिरी कोशिश है’

स्मित मच्छार ने घटना के दौरान के पलों को याद करते हुए बताया कि उनके 17 साल के विमान उड़ाने के अनुभव ने उन्हें स्थिति को समझने में मदद की। उन्होंने कहा कि जमीन पर गिरने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि विमान नीचे जा रहा है।

मच्छार ने बताया कि उस समय उनके मन में था कि यही आखिरी कोशिश है और उन्हें किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलना है। उन्होंने कहा कि उन पर हमले हो रहे थे, इसके बावजूद उन्होंने दरवाजा खोल लिया और इसके बाद दूसरे लोग भी वहां पहुंच गए।

Advertisement

उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरी घटना में अन्य लोगों की भी बराबर भूमिका रही। मच्छार ने बताया कि उस समय वह अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन उन्हें यह भी पता था कि वह विमान में मौजूद लोगों को मरने नहीं दे सकते।

हनुमान चालीसा का पाठ कर खुद को रखा शांत

स्मित मच्छार ने पीएम मोदी को बताया कि मुश्किल समय में उन्होंने खुद को शांत रखने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया। उन्होंने कहा कि डर लगने पर वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और उस समय भी लगातार इसका पाठ कर रहे थे।

मच्छार ने बताया कि वह अपने दो साल के बेटे के साथ भी नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। उनके परिवार ने यह सुनिश्चित किया है कि विदेश में रहने के बावजूद वह अपनी संस्कृति से जुड़े रहें।

बातचीत के दौरान भावुक हुए कैप्टन

प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इस स्थिति में प्रधानमंत्री से बात कर रहे होंगे। इस पर पीएम मोदी ने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि अगर वह उनके सामने भावुक नहीं होंगे तो कहां होंगे।

मच्छार ने अपने स्वास्थ्य को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि वह इसे एक ऐसी यात्रा के रूप में देख रहे हैं, जिसे धीरे-धीरे पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि इसमें समय लगेगा, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि वह ठीक होकर पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे।

भारतीय राजदूत ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल

घटना के बाद यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल पहुंचकर कैप्टन स्मित मच्छार और उनके परिवार से मुलाकात की थी। भारतीय दूतावास के मुताबिक, मच्छार की हालत अच्छी है और वह तेजी से ठीक हो रहे हैं। दूतावास उनकी चिकित्सा देखभाल को लेकर स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है।

विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि वह कैप्टन मच्छार की सेहत पर नजर रख रहा है। मंत्रालय के अनुसार, सऊदी अरब के तबुक में शुरुआती इलाज के बाद मच्छार को आगे के उपचार और रिकवरी के लिए अबू धाबी भेजा गया है।

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ था?

बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 ने आपातकालीन संकेत भेजे थे। विमान सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट की ओर मुड़ने से पहले करीब 34,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे आया था।

विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, कॉकपिट में को-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने विमान को संभाला और सुरक्षित लैंडिंग कराई।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Advertisement
↑
Tap to Refresh