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महाराजा रणजीत सिंह प्रैपरेटरी इंस्टीट्यूट के कैडेट पारसदीप व युवराज बने भारतीय नौसेना में अधिकारी

चंडीगढ़, 29 नवंबर। एस.ए.एस. नगर (मोहाली) स्थित महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रैपरेटरी इंस्टीट्यूट के दो पूर्व कैडेटों को केरल के एझीमाला में आयोजित भारतीय नौसैनिक अकादमी (आई.एन.ए.) की पासिंग आउट परेड (पी.ओ.पी.) में भारतीय नौसेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्रदान किया गया है। इस परेड का निरीक्षण चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, पी.वी.एस.एम., यू.वाय.एस.एम., ए.वी.एस.एम., एस.एम., वी.एस.एम. ने किया।
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अमन अरोड़ा ने दोनों युवा अधिकारियों को बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं
 
 
चंडीगढ़, 29 नवंबर। एस.ए.एस. नगर (मोहाली) स्थित महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रैपरेटरी इंस्टीट्यूट के दो पूर्व कैडेटों को केरल के एझीमाला में आयोजित भारतीय नौसैनिक अकादमी (आई.एन.ए.) की पासिंग आउट परेड (पी.ओ.पी.) में भारतीय नौसेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्रदान किया गया है। इस परेड का निरीक्षण चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, पी.वी.एस.एम., यू.वाय.एस.एम., ए.वी.एस.एम., एस.एम., वी.एस.एम. ने किया।
 
दोनों अधिकारी—पारसदीप सिंह खोसा और युवराज सिंह तोमर—शिक्षित पारिवारिक पृष्ठभूमि से संबंध रखते हैं। फरीदकोट ज़िले के निवासी पारसदीप सिंह खोसा की माता जी.जी.एस. खालसा स्कूल, भलूर की प्रिंसिपल हैं और उनके पिता गुरु नानक मिशन गर्ल्स कॉलेज, बाघापुराणा के डायरेक्टर हैं। 
जालंधर निवासी युवराज सिंह तोमर भी एक शिक्षित परिवार से आते हैं। उनके पिता डलहौज़ी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल हैं, और माता उसी स्कूल में कोऑर्डिनेटर व मनोवैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं। 
उल्लेखनीय है कि युवराज का छोटा भाई वर्तमान में महाराजा रणजीत सिंह प्रैपरेटरी इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है।
 
पंजाब के रोज़गार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने पारसदीप सिंह खोसा और युवराज सिंह तोमर की इस उत्कृष्ट उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। अरोड़ा ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वे पूर्ण निष्ठा से देश की सेवा करेंगे और पंजाब का नाम गौरव से ऊँचा करेंगे।
 
महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फ़ोर्सेज प्रैपरेटरी इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर मेजर जनरल अजय एच. चौहान, वी.एस.एम. (सेवानिवृत्त) ने इन अधिकारियों को बधाई देते हुए बताया कि इस उपलब्धि के साथ संस्थान के कुल 181 कैडेट अब तक सशस्त्र सेनाओं में कमीशंड अधिकारी बने हैं, जिनमें से 22 कैडेट भारतीय नौसेना में शामिल हुए हैं। उन्होंने इस सफलता का श्रेय पंजाब के लोगों की वीरता को देते हुए कहा कि यह पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण है।
 
 
 
महाराजा रणजीत सिंह प्रैपरेटरी इंस्टीट्यूट में 16वें कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा 4 जनवरी को
 
मेजर जनरल अजय एच. चौहान ने बताया कि संस्थान में 16वें कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इस संस्थान के माध्यम से एन.डी.ए. में शामिल होने के इच्छुक 10वीं कक्षा के विद्यार्थी 15 दिसंबर, 2025 तक https://recruitment-portal.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस कोर्स से संबंधित प्रवेश परीक्षा 4 जनवरी, 2026 (रविवार) को आयोजित की जाएगी।
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