गांवों के रख-रखाव के लिए 5 प्रतिशत राशि सुरक्षित रखी जाएगी
अभिनव पायलट परियोजना नाम से ग्राम पंचायत की भूमि पर सोलर फार्म स्थापित किए जाएंगे
हरियाणा में हर ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन की मजदूरी के लिए रोजगार गारंटी हेतु ₹610 करोड़ का प्रावधान
स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग के हेतु प्रत्येक ब्लॉक में एक आधुनिक ग्राम हाट स्थापित की जाएगी
न्यूज़म ब्यूरो
चण्डीगढ़, 2 मार्च : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने हाल ही में मनरेगा को और प्रभावी बनाते हुए, इस योजना को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण ( VB-G-RAM-G) नाम से शुरू किया है। हरियाणा में हर ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन की मजदूरी आधारित रोजगार गारंटी हेतु ₹610 करोड़ का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बतौर वित्त मंत्री राज्य का दूसरा बजट प्रस्तुत कर रहे थे।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि गांवों में चौपालों, ग्राम सचिवालयों, पुस्तकालयों, सड़कों जैसे सामुदायिक भवनों के रख-रखाव के लिए कोई प्रावधान ना होने के कारण, समय के साथ इन सम्पत्तियों की हालत बुरी हो जाती है। चालू वित्त वर्ष से 5 प्रतिशत राशि अनिवार्य रूप से रख-रखाव के लिए सुरक्षित रखी जाएगी। पिछले बजट में 1,000 से अधिक आबादी वाली पंचायतों की कच्ची फिरनियों को पक्का करने की घोषणा अनुसार 717 कच्ची फिरनियों को ₹318 करोड़ की लागत से पक्का करवाया जा चुका है। शेष कच्ची फिरनियों के कार्य को पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अभिनव पायलट परियोजना नाम से ग्राम पंचायत की भूमि पर सोलर फार्म स्थापित किए जाएंगे। इस सोलर परियोजना से उत्पन्न बिजली ग्राम पंचायत के निवासियों को रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी। लोगों के बिलों में कमी आएगी और ग्राम पंचायत के लिए आय का एक नया स्रोत भी बन पाएगा। ब्रज की 84 कोस यात्रा भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। पलवल जिले में इसका 37 किलोमीटर मार्ग निकलता है। ₹10 करोड़ की लागत से इस मार्ग पर शेड, सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण और पेयजल व्यवस्था उपलब्ध करवाने तथा सड़क के पुनर्निर्माण कार्यों के लिए ज्ञक्ठ की तर्ज पर एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी।
नायब सिंह सैनी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में 983 अटल पुस्तकालय तथा 415 इंडोर जिम तैयार किया जा चुके हैं। 24 दिसंबर, 2025 को अटल सुशासन दिवस के उपलक्ष्य पर गृह मंत्री श्री अमित शाह जी द्वारा 250 अटल पुस्तकालयों का उद्घाटन किया गया। आने वाले अटल सुशासन दिवस पर 1,000 नए अटल पुस्तकालयों के लोकार्पण किया जाना प्रस्तावित है। पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ग्राम पंचायतों की भूमि का एक निश्चित हिस्सा जैविक/प्राकृतिक खेती के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले बजट में 2,200 अमृत सरोवर बनाने की घोषणा अनुसार अब तक 724 तालाबों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है और 986 तालाबों का कार्य प्रगति पर है। शेष तालाबों का कार्य अगले वर्ष में किया जाएगा। 2 अक्तूबर, 2026 तक प्रदेश के सभी गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव में परिवर्तित किया जाएगा। शामलात भूमि में से स्वयं सहायता समूहों को 500 वर्ग गज तक भूमि, डेयरी बनाने के लिए लीज पर देने का प्रावधान है। लीज दर सालाना ₹10 प्रति वर्ग गज होगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले बजट में 5 लाख संभावित लखपति दीदी चुनने के लक्ष्य में से 4,83,361 महिलाओं की पहचान कर ली गई है। आने वाले वर्ष में तीन लाख और लखपति दीदी बनाना प्रस्तावित हैं। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग के हेतु प्रत्येक ब्लॉक में एक आधुनिक ग्राम हाट की स्थापना की जाएगी।
उन्होंने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत 20,000 से अधिक ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) अधिनियम, 1961 में 12 दिसंबर, 2024 को संशोधन कर यह प्रावधान किया है कि जिन ग्रामवासियों ने 31 मार्च, 2004 को या उससे पूर्व 500 वर्ग गज तक की पंचायत भूमि पर अपने मकान बना रखे हैं, वे सरकार द्वारा निर्धारित बाजार दर का भुगतान कर उस को भूमि खरीद कर अपने घरों का स्वामित्व प्राप्त कर सकते हैं।
पंचायती राज व ग्रामीण विकास विभाग के लिए वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान ₹7,083.17 करोड़ को 22.88 प्रतिशत से बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में ₹8,703.75 करोड़ किया गया है।
सभी के लिए आवास हेतु मुख्यमंत्री ने किए ₹2,424.39 करोड़ आबंटित
नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार सभी के लिए आवास के संकल्प के अनुरूप प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित, पक्का और मूलभूत सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी के लिए आवास विभाग हेतूू वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान ₹1,840.29 करोड़ को 31.74 प्रतिशत से बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में ₹2,424.39 करोड़ आबंटित किए गए।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में 8,145 निर्माणाधीन घरों का कार्य पूरा किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत 20 हजार गरीब परिवारों को पक्के घर के निर्माण हेतु ₹500 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 23,154 नए घर बनाए जाएंगे।
सैनी ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत 16 शहरों में 30 वर्ग गज के 15,251 प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। फरीदाबाद, गुरूग्राम, झज्जर, पलवल, पानीपत, रोहतक एवं रेवाडी में 8,000 ईडब्ल्यूएस फ्लैट गरीब परिवारों को दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2.0 के अंतर्गत 5 महाग्रामों तथा 157 छोटे गांवों में क्रमशः 50 व 100 वर्ग गज के 5,000 हजार प्लाट जरूरतमंद परिवारों को दिए जाएंगे। पिछले वर्ष आवंटित किए गए 100 वर्ग गज के प्लॉटों में बुनियादी सुविधाएं, पक्की सड़कें, पीने का पानी और बिजली की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।