शिवसेना नेता अजय भोसले पर चुनाव प्रचार के दौरान हुआ था जानलेवा हमला, पारिवारिक संपत्ति विवाद से जुड़ा था मामला; अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका।
मुंबई। वर्ष 2009 में शिवसेना नेता अजय भोसले पर हुए जानलेवा हमले के मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने छोटा राजन समेत पांच आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में सफल नहीं रहा। बरी किए गए लोगों में छोटा राजन के अलावा कारोबारी सुरेंद्र अग्रवाल, शकीब आलम खान, राजेश यादव और विजय पुरुषोत्तम सालवी शामिल हैं।
विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश नरेंद्रनाथ प्रधान ने सभी आरोपियों को आरोपों से मुक्त करने का फैसला सुनाया। यह हमला 11 अक्टूबर 2009 को चुनाव प्रचार के दौरान पुणे के कोरेगांव इलाके में हुआ था। मोटरसाइकिल पर आए हमलावरों ने अजय भोसले पर गोलियां चलाई थीं।
पारिवारिक संपत्ति विवाद में हमले की साजिश का आरोप
अभियोजन पक्ष के आरोपों के मुताबिक, यह हमला सुरेंद्र अग्रवाल और उनके भाइयों आरके अग्रवाल तथा वीके अग्रवाल के बीच चल रहे पारिवारिक संपत्ति विवाद से जुड़ा था। आरोप था कि सुरेंद्र अग्रवाल ने छोटा राजन के एक कथित सहयोगी की मदद से आरके अग्रवाल पर संपत्ति में मनचाहा हिस्सा देने का दबाव बनाने की कोशिश की थी।
अजय भोसले, आरके अग्रवाल के मित्र थे। हमले के दौरान भोसले बाल-बाल बच गए थे, लेकिन एक गोली उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी के चालक को लग गई थी।
2015 में सीबीआई को सौंपा गया था मामला
इस मामले की शुरुआती जांच पुणे के बंड गार्डन पुलिस थाने ने की थी। वर्ष 2015 में छोटा राजन को भारत वापस लाए जाने के बाद महाराष्ट्र सरकार के आदेश पर उसके खिलाफ दर्ज 71 मामलों में से इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
छोटा राजन फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। वह मुंबई के पत्रकार जेडे की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। इसके अलावा भी उसे कई अन्य मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है।
अदालत के इस फैसले से 2009 के अजय भोसले गोलीकांड में छोटा राजन और चार अन्य आरोपियों के खिलाफ चल रही सुनवाई समाप्त हो गई है।
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