फसल नुकसान का आंकड़ा 8 लाख हेक्टेयर के पार पहुंचा, 9.20 लाख से अधिक किसान प्रभावित; बागवानी फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान।
सोलापुर। कम बारिश और लंबे समय तक वर्षा का अंतराल रहने से खरीफ सीजन में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जिले में 9 लाख 20 हजार 423 किसान सूखे जैसी स्थिति से प्रभावित हुए हैं। शुरुआती आकलन के अनुसार, 8 लाख 2 हजार 835 हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत से अधिक फसलें बर्बाद हुई हैं। प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने राज्य सरकार से 1,167 करोड़ 47 लाख रुपये की सहायता मांगी है।
जिलाधिकारी एस. कार्तिकेयन ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। सरकारी नियमों के अनुसार, अधिकतम दो हेक्टेयर की सीमा में फसल नुकसान का आकलन किया गया है। इसमें असिंचित, सिंचित और फल फसलों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। आंकड़ों के मुताबिक, इस बार सबसे ज्यादा नुकसान सिंचित फसलों को हुआ है।
बार्शी तालुका में सबसे ज्यादा नुकसान
तालुकावार आंकड़ों के अनुसार, बार्शी में सबसे अधिक 1 लाख 1 हजार 421 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। इसके बाद अक्कलकोट में 85,322 हेक्टेयर, मोहोल में 85,217 हेक्टेयर, करमाला में 82,080 हेक्टेयर और माढा में 81,517 हेक्टेयर क्षेत्र में नुकसान हुआ है।
इसके अलावा सांगोला में 77,864 हेक्टेयर, पंढरपुर में 70,429 हेक्टेयर, मालशिरस में 68,043 हेक्टेयर, मंगलवेढ़ा में 62,384 हेक्टेयर, दक्षिण सोलापुर में 34,798 हेक्टेयर और उत्तर सोलापुर में 27,378 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है।
सिंचित फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान
फसल की श्रेणी के अनुसार नुकसान और प्रस्तावित सहायता का विवरण इस प्रकार है:
- असिंचित फसलें: 3 लाख 13 हजार 683 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इससे 3 लाख 9 हजार 362 किसान प्रभावित हुए हैं। इनके लिए 266 करोड़ 63 लाख रुपये की सहायता का प्रस्ताव है।
- सिंचित फसलें: 3 लाख 63 हजार 184 हेक्टेयर क्षेत्र में नुकसान हुआ है। इससे 4 लाख 51 हजार 864 किसान प्रभावित हुए हैं। इनके लिए 617 करोड़ 41 लाख रुपये की जरूरत बताई गई है।
- फल फसलें: 1 लाख 25 हजार 967 हेक्टेयर के बाग प्रभावित हुए हैं। इससे 1 लाख 59 हजार 197 बागवानों को नुकसान हुआ है। इनके लिए 283 करोड़ 42 लाख रुपये की सहायता मांगी गई है।
पंचनामे पूरे, अब सरकारी मदद का इंतजार
जिला प्रशासन के अनुसार, फसल नुकसान के पंचनामे पूरे कर लिए गए हैं। सरकार से सहायता राशि मिलते ही इसे सीधे प्रभावित किसानों के बैंक खातों में भेज दिया जाएगा। फिलहाल किसानों को राहत राशि जारी होने का इंतजार है।
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