परेशान करने वाले बैंक, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों और साहूकारों पर दर्ज होंगे मामले, सूखा प्रभावित 304 तहसीलों के लिए राहत उपायों की घोषणा
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 27 अक्टूबर। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को चेतावनी दी है कि कर्ज वसूली के नाम पर किसानों को परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों पर अनुचित दबाव डालने वालों को जेल भी भेजा जा सकता है।
मंत्रिमंडल की सूखा निवारण उपसमिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि किसानों को परेशान करने वाली माइक्रो फाइनेंस कंपनियों, बैंकों और साहूकारों के खिलाफ पुलिस में सीधे मामले दर्ज किए जाएंगे। किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे वसूली के दबाव से न डरें और जरूरत पड़ने पर सरकारी अधिकारियों से संपर्क करें।
सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत उपाय
राज्य सरकार ने 304 सूखा प्रभावित तहसीलों के लिए कई फैसले लिए हैं। जमीनी स्थिति की समीक्षा के बाद कुछ अन्य तहसीलों को भी सूखाग्रस्त सूची में शामिल किया जा सकता है। जिलाधिकारियों को चारा खरीदने और उगाने के लिए आवश्यक अधिकार दिए गए हैं। सरकार ने सूखा चारा 12 रुपये प्रति किलो और हरा चारा 8 रुपये प्रति किलो की दर तय की है।
बंद नल जल योजनाएं होंगी शुरू
बिजली बिल बकाया होने के कारण बंद पड़ी ग्रामीण नल जल योजनाओं को जिला नियोजन समिति (डीपीसी) के फंड से फिर शुरू किया जाएगा। खेतों में गाद डालने के लिए प्रति घन मीटर अनुदान देने और सड़क निर्माण में मिट्टी-गिट्टी के इस्तेमाल पर रॉयल्टी माफ करने का भी फैसला लिया गया है।
डेढ़ करोड़ किसानों को आपात सहायता
सरकार की ओर से दिवाली से पहले करीब 1.5 करोड़ किसानों को 5,000 रुपये की आपात सहायता देने की घोषणा की गई है। इस सहायता से आयकरदाताओं, सरकारी कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को बाहर रखा गया है।
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