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महाराजा अग्रसेन के सिद्धांत समानता-सहयोग-सामाजिक एकता के प्रतीक : विपुल गोयल

राजस्व एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने इंदिरा गांधी विष्वविद्यालय मीरपुर में महाराजा अग्रसेन जयंती पर सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में की शिरकत

न्यूज़म ब्यूरो

चण्डीगढ़, 27 अक्तूबर। हरियाणा के राजस्व एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन के आदर्श समानता, अहिंसा, सामाजिक एकता और परस्पर सहयोग की प्रेरणा देते हैं। उनकी ‘एक ईंट-एक रुपया’ की परंपरा समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सहयोग देने और जरूरतमंदों को सशक्त बनाने का संदेश देती है। लगभग पांच हजार वर्ष पहले महाराजा अग्रसेन द्वारा दिए गए मूलमंत्र आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं और भविष्य में भी समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

राजस्व मंत्री मंगलवार को इंदिरा गांधी विष्वविद्यालय, मीरपुर में महाराजा अग्रसेन जयंती के उपलक्ष्य में ‘आधुनिक युग में अग्रसेन का दर्शन – सामाजिक जिम्मेदारी से लेकर स्टार्टअप और पेशेवर उत्कृष्टता तक’ विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

विपुल गोयल ने कहा कि अग्रवाल समाज ने सदैव सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को आगे बढ़ाने तथा सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि सभी लोग महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाएं और सहयोग व सेवा की भावना से समाज को सशक्त बनाएं।

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मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों से प्रेरित होकर ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अग्रोहा धाम के लिए 40 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इससे वहां खुदाई कार्य को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी और महाराजा अग्रसेन के जीवन, उनके विचारों तथा मानव कल्याण के लिए किए गए कार्यों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के नए अवसर मिलेंगे।

महाराजा अग्रसेन पीठ के शोधार्थियों को मिलेगी छात्रवृत्ति 

मंत्री ने विष्वविद्यालय में स्थापित महाराजा अग्रसेन पीठ की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से महाराजा अग्रसेन के विचारों और सिद्धांतों पर शोध को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पीठ में शोध कार्यों के लिए आरक्षित पीएचडी सीट का लाभ बताते हुए शोध सीटों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया, ताकि उनके आदर्शों और योगदान को अधिक विस्तार से समाज तक पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर उन्होंने महाराजा अग्रसेन पीठ के अंतर्गत शोध कार्य करने वाले शोधार्थियों को 15-15 हजार रुपये की छात्रवृत्ति देने की घोषणा की। साथ ही, समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाले समाजसेवियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

 

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