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अब कनेक्टिविटी होगी बेहतर, मेट्रो लाइन 12-ए को मंजूरी

18.40 किमी लंबे कॉरिडोर में होंगे 12 स्टेशन, साढ़े तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य, यात्रा समय में 40 से 50 फीसदी तक बचत का अनुमान

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 27 अक्टूबर। मानपाड़ा-कटई नाका से कल्याण फाटा होते हुए तलोजा तक प्रस्तावित मुंबई मेट्रो लाइन 12-ए को मंत्रिमंडल की बुनियादी ढांचा समिति ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 18.40 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को अगले साढ़े तीन वर्षों में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इससे कल्याण-डोंबिवली और नवी मुंबई के बीच परिवहन संपर्क मजबूत होने के साथ औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। मंत्रिमंडल की बुनियादी ढांचा समिति की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान उन्होंने राज्य में चल रही अन्य मेट्रो परियोजनाओं के काम में भी तेजी लाने और उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

12 स्टेशन और एकीकृत फ्लाईओवर

मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने मेट्रो लाइन 12-ए की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत की थी। पूरा कॉरिडोर एलिवेटेड होगा और इस पर 12 स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। परियोजना में 6.93 किलोमीटर लंबा चार लेन का और 8.69 किलोमीटर लंबा छह लेन का एकीकृत फ्लाईओवर भी शामिल है। अनुमान है कि इस कॉरिडोर पर प्रतिदिन करीब 4.74 लाख यात्री सफर करेंगे।

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कई परिवहन साधनों से जुड़ेगा कॉरिडोर

एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी के अनुसार, मेट्रो कॉरिडोर से सड़क मार्ग की तुलना में यात्रा समय में 40 से 50 प्रतिशत तक बचत होने की उम्मीद है। कटई नाका पर मेट्रो लाइन 12 और बुलेट ट्रेन के कनेक्टिंग रूट से जुड़ाव प्रस्तावित है। कटई नाका से कल्याण फाटा के बीच मेट्रो लाइन 14 और अमनदूत स्टेशन पर नवी मुंबई मेट्रो लाइन 1 से कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है। सभी स्टेशनों पर फीडर बस सेवा उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव है।

यातायात और प्रदूषण घटाने पर जोर

परियोजना का उद्देश्य यात्रा समय कम करना, सड़कों पर यातायात का दबाव घटाना और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। परिवहन के विभिन्न साधनों के बीच बेहतर तालमेल से निजी वाहनों का इस्तेमाल कम होने और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का दबाव घटाने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देने में भी मदद मिल सकती है। बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव असीमकुमार गुप्ता और एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी उपस्थित थे।

 

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