चंडीगढ़। हाल ही में भाजपा सरकार ने एक नया फैसला लेते हुए किसान के ट्रैक्टर का नवीनीकरण शुल्क 10 गुना बढ़ा दिया। इसे लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की। हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि सरकार हर दिन नए नए फरमान जारी जनता के लिए नई-नई मुसिबतें खड़ी कर रही है। हमेशा से कृषि और किसानों के विरोध में रही भाजपा सरकार ने ट्रैक्टर पर नवीनीकरण शुल्क 10 गुना बढ़ाकर एक बार फिर से किसान विरोधी फैसला सुनाया। सत्ता के नशे में चूर, इन्हें जरा भी इस बात का इल्म नहीं कि किसान जो कि पहले से ही दबाव में है ,और ज्यादा दबाव देकर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से न केवल किसानों का, बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था का भारी नुकसान कर रहे हैं।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा की इस देश में लगभग 45% आबादी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से खेती पर निर्भर है। लगभग 17-18% सकल घरेलू उत्पाद में कृषक का योगदान है। परिस्थितियों से साफ जाहिर है की इस देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत रखने के लिए किसान का कितना बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि खेती किसानी पहले ही बढ़ती लागत, मौसमी जोखिमों और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रही है, ऐसे में इस दस गुना बढ़ोतरी को किसान हितों के विरुद्ध कदम है।
उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और ग्रामीण परिवहन किसानों की उत्पादन क्षमता से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए शुल्क में इतनी भारी वृद्धि किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसी है। खाद्यान्न उत्पादन लागत बढ़ेगी तो अनाज, सब्ज़ी, फल आदि के दाम भी बढ़ सकते हैं—जिसका असर आम उपभोक्ता और महंगाई पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इससे
ग्रामीण अर्थव्यवस्था धीमी पड़ सकती है
किसान ट्रैक्टर खरीदने या रजिस्टर कराने में देरी करेंगे, जिससे ट्रैक्टर निर्माताओं, मैकेनिकों, डीलरों, डीज़ल-पार्ट्स बाज़ार की बिक्री प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि इससे निवेश करने की क्षमता घटेगी, किसान कर्ज और लागत के बोझ से नई तकनीक, सिंचाई, बीज, उर्वरक आदि पर निवेश कम करता है—जिससे कृषि उत्पादकता प्रभावित होती है। इकॉनमी पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है।इसलिए छोटी नीतिगत बढ़ोतरी भी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में लहर पैदा करेगी
सरकार को किसानों की रीढ़ मजबूत करनी चाहिए, न कि नए वित्तीय अवरोध खड़े करने चाहिये।
राव नरेंद्र सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार अपने इस तुगलकी फरमान को वापस ले, विस्तृत परामर्श करे और किसान हित में व्यावहारिक, सहानुभूतिपूर्ण नीति तैयार करे। अन्यथा कांग्रेस इस किसान विरोधी फरमान के खिलाफ आंदोलन करेगी।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।