राहुल गुप्ता
मुंबई, 22 अक्टूबर। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने 500 करोड़ रुपये से जुड़े कथित ऑडियो क्लिप को सार्वजनिक कर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। जरांगे का दावा है कि यह क्लिप दो साल पहले विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा की एक बैठक की है। हालांकि, क्लिप की सत्यता और उसमें हुई बातचीत की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
जरांगे ने गुरुवार सुबह जालना जिले के अंकुशनगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों को यह ऑडियो क्लिप सुनाई। उन्होंने दावा किया कि इसमें मराठा आरक्षण आंदोलन और उनके खिलाफ राजनीतिक स्तर पर की जा रही गतिविधियों पर चर्चा है। उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से कथित बातचीत में शामिल लोगों की पहचान करने और 500 करोड़ रुपये दिए जाने के दावे की सच्चाई सामने लाने की मांग की।
कथित क्लिप में क्या कहा गया?
जरांगे के मुताबिक, ऑडियो में एक महिला कथित तौर पर दावा करती सुनाई देती है कि जरांगे पाटील तक 500 करोड़ रुपये पहुंच चुके हैं और यह रकम श्रीकांत शिंदे के माध्यम से पहुंचाई गई है। क्लिप में कथित तौर पर जरांगे के प्रभाव और विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका को लेकर भी बातचीत है।
जरांगे ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ बोलने वाले लोगों को राजनीतिक समर्थन दिया जा रहा है और राजनीतिक दलों का पैसा उनके आंदोलन के खिलाफ इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस कथित नेटवर्क और बातचीत में शामिल लोगों का पता लगाना सरकार की जिम्मेदारी है। हालांकि, ये आरोप अभी अपुष्ट हैं।
शिंदे गुट ने फॉरेंसिक जांच की मांग की
कथित ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि क्लिप की आवाजों की फॉरेंसिक जांच कराई जाए और पुलिस, साइबर एजेंसी तथा विशेष जांच दल (एसआईटी) के माध्यम से मामले की पड़ताल हो।
शिवसेना नेता और उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि जांच में यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि कहीं इस मामले के जरिए एकनाथ शिंदे की छवि खराब करने या भाजपा और शिवसेना के बीच गलतफहमी पैदा करने की कोशिश तो नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने मामले की गहराई से जांच कराने का आश्वासन दिया।
भाजपा ने आरोपों को बताया झूठा
भाजपा नेता और मंत्री आशीष शेलार ने कथित ऑडियो क्लिप को झूठा, फर्जी और तथ्यहीन बताया। उन्होंने कहा कि इस कथित बातचीत से भाजपा या उसके किसी नेता का कोई संबंध नहीं है। शेलार ने यह भी कहा कि एकनाथ शिंदे पर सवाल उठाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी और सहयोगी दलों के नेताओं के बीच कोई गलतफहमी है, तो उसे दूर किया जाएगा।
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यदि उपमुख्यमंत्री शिंदे इस मामले में सरकार से शिकायत करते हैं, तो उसकी जांच की जाएगी। वहीं, विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहिर ने आरोपों को निरर्थक बताते हुए कहा कि कुछ लोग सनसनी पैदा कर मूल मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल, कथित ऑडियो क्लिप की सत्यता और उसमें किए गए दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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