‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की सलाह, मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने ‘गुड फ्रेंड’ और ‘बैड फ्रेंड’ का फर्क समझाने पर दिया जोर
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 8 अक्टूबर। मुंबई में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को तेज करते हुए बुधवार को ‘ड्रग्स फ्री मुंबई-विद्यार्थी परामर्श सत्र एवं शिक्षा प्रशिक्षण’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। सांताक्रूज पूर्व स्थित मुंबई विश्वविद्यालय के कलिना परिसर के ग्रीन टेक्नोलॉजी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने नशे के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशे की लत शरीर और मन में प्रवेश करने के बाद उससे बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। नशे को शरीर और समाज को खोखला करने वाला कैंसर बताते हुए उन्होंने इससे स्वयं और आने वाली पीढ़ी को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत बताई।
‘गुड फ्रेंड’ और ‘बैड फ्रेंड’ का अंतर समझाएं
लोढ़ा ने कहा कि जिस तरह बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में जागरूक किया जाता है, उसी तरह उन्हें ‘गुड फ्रेंड’ और ‘बैड फ्रेंड’ के बीच का अंतर भी समझाना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों में इस तरह की जागरूकता पैदा करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों 30 जुलाई को शुरू किया गया ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान पूरे वर्ष जारी रहेगा। स्कूलों, कॉलेजों, विभिन्न संस्थाओं, संगठनों और पुलिस प्रशासन की ओर से अभियान को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 21 लोगों का मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के हाथों सम्मान किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों समेत उपस्थित लोगों ने नशामुक्ति की शपथ ली। लोढ़ा ने युवाओं से नशे से दूर रहने और अभियान में सक्रिय योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं की शक्ति के आधार पर ही विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य आगे बढ़ सकता है।
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