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एमडीयू विश्वविद्यालय के छात्रों को खूब भाया नेचर कैंप थापली — प्रकृति, पर्यटन एवं संस्कृति से जुड़ रहे युवा – नरेंद्र सिंह

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पंचकूला, 23 नवंबर : हरियाणा सरकार द्वारा युवाओं को प्रकृति, संस्कृति और पर्यटन की वास्तविक समझ प्रदान करने हेतु संचालित दो दिवसीय विशेष कैंप के अंतर्गत एमडीयू रोहतक के विद्यार्थियों ने रविवार 23 नवंबर को पंचकूला स्थित नेचर कैंप थापली का दौरा किया। यह भ्रमण प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, प्राकृतिक संपदा और पर्यटन स्थलों से युवा पीढ़ी को प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित श्रृंखला का महत्वपूर्ण अंग है। 

युवा कल्याण संयोजक नरेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई दो-दिवसीय भ्रमण योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरणीय संवेदनशीलता, सांस्कृतिक समझ और पर्यटन के प्रति रूचि को प्रोत्साहित करना है ,उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थी नेचर कैंप थापली के साथ कुरुक्षेत्र में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का भी भ्रमण करेंगे, जहाँ वे सांस्कृतिक गतिविधियों, धार्मिक परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व का शोधपरक अवलोकन कर सकेंगे।

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नरेंद्र सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी को पुस्तक आधारित ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक और अनुभवात्मक शिक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है। प्राकृतिक परिवेश, सांस्कृतिक आयोजनों और ऐतिहासिक स्थलों के प्रत्यक्ष अध्ययन से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता, निर्णय क्षमता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है। उन्होंने बताया कि यह विशेष कार्यक्रम 19 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक प्रतिदिन विभिन्न विष्वविद्यालयों की सहभागिता के साथ आयोजित किया जा रहा है।

नेचर कैंप थापली में रेंज ऑफिसर संजय ने विद्यार्थियों को कैंप की संरचना, पर्यावरणीय विविधता, वन्यजीवों की उपस्थिति और ट्रैकिंग मार्गों की विशेषताओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा संरक्षित इस क्षेत्र में लगभग 153 किलोमीटर लंबा सात दिवसीय ट्रैकिंग मार्ग विकसित किया गया है, जो न केवल साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की भावना को भी सुदृढ़ करता है।

राज्य सरकार की यह पहल युवाओं में प्रकृति संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संबंधी गतिविधियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक अत्यंत प्रभावी और दूरगामी कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह कार्यक्रम भविष्य के जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।

 

तनिष्का ने बताया कि नेचर कैंप थापली में ट्रैकिंग और पर्यावरण से जुड़ी जानकारी ने हमें प्रकृति के महत्व को नए दृष्टिकोण से समझाया और अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल होकर हमे सांस्कृतिक मूल्यों और भारतीय दर्शन को करीब से जानने का अनूठा अवसर मिलेगा।

मनीषा ने बताया कि नेचर कैंप थापली का वातावरण बेहद शांत और प्रेरणादायक था। ट्रैकिंग के दौरान प्रकृति के साथ बिताया समय हमारे लिए यादगार और सीख से भरा रहेगा। सरकार द्वारा हम सबको यहां बुलाकर हमे हमारी संस्कृति एवं पर्यटन स्थलों के बारे में बताना प्रदेश सरकार की सार्थक पहल है।

अमित ने बताया कि नेचर कैंप थापली को शांत और प्रेरणादायक बताया। ट्रैकिंग और प्रकृति के साथ बिताया समय यादगार और सीखने वाला रहा। प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित दो दिवसीय विशेष कैंप की पहल सराहनीय है।

 

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