22 वर्षीय बीटेक छात्र की मौत के बाद पवई पुलिस से जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई, विरोध के बीच आईआईटी बॉम्बे डायरेक्टर ने छात्रों के 18 सूत्रीय मांग पत्र को स्वीकार किया
राहुल गुप्ता
मुंबई, 21 सितंबर।
आईआईटी बॉम्बे में बीटेक सेकेंड ईयर के 22 वर्षीय छात्र साहिल रवींद्र वाकोड़े की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया है। छात्र की मौत के बाद कैंपस में लगातार विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च हुए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार और पुलिस प्रशासन ने जांच पवई पुलिस से हटाकर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।
वहीं, छात्रों के भारी विरोध और मांगों के बीच आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर प्रोफेसर शिरीष केदारे ने छात्रों के 18 सूत्रीय मांग पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले साहिल वाकोड़े के पिता की लिखित शिकायत के बाद पवई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला समेत अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
परिजनों और साथी छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान चैटजीपीटी के इस्तेमाल के संदेह को लेकर साहिल को निलंबन की धमकी दी गई और उस पर अत्यधिक दबाव बनाया गया। परिवार और छात्रों की ओर से जातिगत भेदभाव के भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, आईआईटी बॉम्बे प्रशासन और फैकल्टी फोरम ने जातिगत भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है।
छात्रों की 18 मांगों पर डायरेक्टर ने किए हस्ताक्षर
रविवार देर रात करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर प्रोफेसर शिरीष केदारे ने छात्रों के 18 सूत्रीय मांग पत्र को स्वीकार करते हुए उस पर हस्ताक्षर किए।
छात्रों की प्रमुख मांगों में साहिल वाकोड़े की मौत की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच, जांच की अंतरिम रिपोर्ट 30 सितंबर 2026 तक सार्वजनिक करना और अंतिम रिपोर्ट 15 अक्टूबर 2026 तक जारी करना शामिल है।
इसके अलावा छात्रों ने कैंपस में स्टूडेंट वेलफेयर, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और प्रशासनिक जवाबदेही को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग भी रखी है।
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक पर नजर
मामले के बीच आईआईटी बॉम्बे के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अहम बैठक प्रस्तावित है। बैठक में छात्रों की मांगों, जांच की स्थिति और संस्थान से जुड़े प्रशासनिक फैसलों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही संस्थान में ओपन हाउस भी आयोजित किया जा रहा है, जहां छात्र शीर्ष अधिकारियों के सामने अपनी चिंताएं और सवाल रख सकेंगे।
साहिल वाकोड़े की मौत के बाद कैंपस में छात्रों के बीच लगातार असंतोष और विरोध देखने को मिला है। अब मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने और छात्रों की मांगों पर संस्थान की सहमति के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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