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अमित मालवीय की जगह पद न मिलने से नहीं छोड़ी बीजेपी, शहजाद पूनावाला ने बताया इस्तीफे का असली कारण

बरखा दत्त के पॉडकास्ट में पूनावाला ने बताया कि उन्होंने 30 जुलाई को ही इस्तीफा दे दिया था, जबकि बीजेपी के संगठनात्मक बदलाव की घोषणा 17 अगस्त को हुई; कहा- निजी और आर्थिक परिस्थितियों के कारण लिया फैसला

राहुल गुप्ता
नई दिल्ली, 19 सितंबर।

बीजेपी छोड़ने के बाद पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के इस्तीफे को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। इनमें यह सवाल भी उठ रहा था कि क्या उन्होंने अमित मालवीय की जगह बीजेपी आईटी और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी नहीं मिलने के कारण पार्टी छोड़ी। अब शहजाद पूनावाला ने बरखा दत्त के ‘मोजो स्टोरी’ पॉडकास्ट में इस कयास को खारिज करते हुए अपने इस्तीफे की वजह बताई है।

पूनावाला ने कहा कि उनका इस्तीफा किसी पद की उम्मीद पूरी न होने से जुड़ा नहीं था। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना पहला इस्तीफा 30 जुलाई को ही पार्टी नेतृत्व को सौंप दिया था, जबकि बीजेपी के आईटी और सोशल मीडिया संगठन में बदलाव की आधिकारिक घोषणा 17 अगस्त की दोपहर में हुई थी।

‘मुझे 30 जुलाई को कैसे पता होता कि 17 अगस्त को क्या होने वाला है’

पॉडकास्ट में जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका इस्तीफा नाराजगी में लिया गया फैसला था और क्या वह अमित मालवीय की जगह किसी बड़ी भूमिका की उम्मीद कर रहे थे, तो पूनावाला ने इस थ्योरी को खारिज कर दिया।

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उन्होंने कहा कि जब उन्होंने 30 जुलाई को इस्तीफा दिया था, तब उन्हें कैसे पता हो सकता था कि 17 अगस्त को बीजेपी संगठन में क्या बदलाव होने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि वह पद के पीछे नहीं भागते, बल्कि विजन, मिशन और महत्वाकांक्षा के लिए काम करते हैं।

बीजेपी ने अगस्त में आईटी और सोशल मीडिया संगठन में बदलाव किए थे। इस बदलाव के बाद दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया सेल की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि अमित मालवीय इस पद पर लंबे समय से थे।

आर्थिक और निजी कारणों से लिया राजनीति से ब्रेक

पूनावाला ने अपने इस्तीफे की वजह बताते हुए कहा कि इसके पीछे राजनीतिक पद पाने की महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि गंभीर निजी और आर्थिक परिस्थितियां थीं। उन्होंने बताया कि राजनीति में रहते हुए उनके सामने नियमित आय और घर का किराया जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई थी।

उन्होंने कहा कि अब वह निजी क्षेत्र में वापस जाने की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें अपना घर चलाने के लिए आय की जरूरत है। बीजेपी को भेजे अपने इस्तीफे में भी उन्होंने आर्थिक और निजी परिस्थितियों को फैसले की वजह बताया था।

‘पद के पीछे नहीं, विजन और मिशन के लिए काम करता हूं’

शहजाद पूनावाला ने बातचीत के दौरान कहा कि उनका मकसद किसी पद को हासिल करना नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि वह विजन, मिशन और महत्वाकांक्षा के लिए काम करते हैं।

बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद भी पूनावाला ने कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के विजन का समर्थन करते रहेंगे। अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा था कि वह व्यवस्था छोड़ रहे हैं, व्यक्ति या विचार नहीं।

व्यक्तिगत आयकर खत्म करने की वकालत

पार्टी छोड़ने के बाद पूनावाला ने व्यक्तिगत आयकर को खत्म करने की मांग को लेकर ‘ऐक्स द टैक्स’ अभियान भी चलाया। पॉडकास्ट में उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में ईमानदार करदाताओं पर अधिक बोझ पड़ता है।

उनका तर्क है कि वेतनभोगी और ईमानदारी से टैक्स चुकाने वाले लोगों पर व्यक्तिगत आयकर के साथ जीएसटी तथा अन्य अप्रत्यक्ष करों का भी भार पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि व्यक्तिगत आयकर खत्म होने से लोगों के पास खर्च करने के लिए अधिक पैसा बचेगा और इससे अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ सकती है।

पूनावाला ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत आयकर से सरकार को मिलने वाला राजस्व जीडीपी के मुकाबले सीमित है और उनके अनुसार मौजूदा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। यह उनकी व्यक्तिगत आर्थिक नीति संबंधी राय है, न कि सरकार की घोषित नीति।

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