कालमी पल्प, डिंक, आरारूट पाउडर और प्राकृतिक रंगों से तैयार की गई प्रतिमा, बनाने में लगा एक महीने का समय; ‘जय मल्हार’ थीम पर सजाया गया पंडाल
राहुल गुप्ता
बदलापुर, 18 सितंबर।
बदलापुर में इस बार गणेशोत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर अनोखी पहल देखने को मिल रही है। यहां पहली बार 6 फुट ऊंची कागज से बनी गणेश प्रतिमा तैयार की गई है, जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है। इस प्रतिमा को कालमी पल्प, डिंक और आरारूट पाउडर से तैयार किया गया है और इसमें केवल प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया गया है।
प्रतिमा को तैयार करने में करीब एक महीने का समय लगा। इसे बनाने में 30 किलो पेपर, 60 किलो डिंक और 30 किलो आरारूट पाउडर का इस्तेमाल किया गया है। प्रतिमा की ऊंचाई 6 फुट और लंबाई 4 फुट है, जबकि इसका वजन करीब 25 किलो है। मंडल के अनुसार, बदलापुर में पहली बार इस तरह की कागज की गणेश प्रतिमा तैयार की गई है।
इस बार ‘जय मल्हार’ थीम पर सजावट
बाल गणेश सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल ने इस वर्ष पंडाल को ‘जय मल्हार’ थीम पर सजाया है। मंडल के कार्यकर्ताओं के मुताबिक, सजावट के जरिए परंपरा, पर्यावरण संरक्षण और स्वाभिमान का संदेश देने की कोशिश की गई है।
मंडल की स्थापना वर्ष 2011 में हुई थी और तब से यह सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय है। मंडल के अध्यक्ष स्वप्निल झरेकर, सचिव परिवर्तन कहलेकर और खजिनदार कल्पेश महाडीक हैं।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
मंडल ने कागज की इस प्रतिमा के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने की कोशिश की है। प्रतिमा तैयार करने में कालमी पल्प के साथ 30 किलो पेपर, 60 किलो डिंक और 30 किलो आरारूट पाउडर का इस्तेमाल किया गया है। इसे प्राकृतिक रंगों से सजाया गया है।
मंडल के पदाधिकारियों के अनुसार, प्रतिमा के साथ ‘जय मल्हार’ थीम पर तैयार की गई सजावट का उद्देश्य समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और स्वाभिमान को आगे बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना है। मंडल का कहना है कि इस पहल के जरिए इन संदेशों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।
