बोले, आजादी के बाद से 2022 तक सत्ता में रही राज्य की सभी सरकारों ने कुल 69,500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया, जबकि व्यवस्था परिवर्तन का दावा करने वाली मौजूदा सरकार ने अकेले अपने चार साल के कार्यकाल में ही 45,000 करोड़ रुपये का ऋण ले लिया
बातें अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य व्यवस्था की, लेकिन इलाज के लिए एक साल और जांच के लिए एक महीने बाद का समय मिल रहा है
न्यूज़म ब्यूरो
शिमला, 6 अगस्त। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने एक कार्यक्रम के दौरान वर्तमान सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर प्रदेश को भारी आर्थिक संकट में धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि सुक्खू सरकार ने कर्ज लेने के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आजादी के बाद से 2022 तक सत्ता में रही राज्य की सभी सरकारों ने कुल 69,500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जबकि व्यवस्था परिवर्तन का दावा करने वाली मौजूदा सरकार ने अकेले अपने चार साल के कार्यकाल में ही 45,000 करोड़ रुपये का ऋण ले लिया है। यदि यह सरकार एक साल और सत्ता में रही, तो यह आंकड़ा 60,000 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा। जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब पूरे प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं और पूर्व भाजपा सरकार द्वारा जनहित में खोले गए लगभग दो हजार संस्थानों को बंद कर दिया गया है, तो आखिर इतना भारी-भरकम कर्ज का पैसा जा कहां रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश केवल सत्तासीन कांग्रेस पार्टी का नहीं है, बल्कि इसकी चिंता हर हिमाचली और भाजपा को भी है। दुर्भाग्य से कांग्रेस ने बिना सोचे-समझे ऐसे फैसले लिए हैं, जिनका खामियाजा पूरे प्रदेश को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर झूठी गारंटियों के सहारे सत्ता हथियाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इनकी एक भी गारंटी धरातल पर नहीं उतरी है। इतिहास में यह पहली ऐसी सरकार है, जिसकी किसी भी योजना को जनता नहीं जानती, क्योंकि मुख्यमंत्री ने जनहित की नई योजनाएं चलाने के बजाय पूर्व सरकार की लोकप्रिय योजनाओं को या तो बंद कर दिया या फिर उनका बजट रोककर उन्हें बदनाम करने की साजिश रची।
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा विधायक दल की भूमिका पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष ने जनविरोधी फैसलों के खिलाफ सदन से लेकर सड़क तक मजबूती से लड़ाई लड़ी है, जिसके दबाव में सरकार को कई बार अपने फैसले वापस लेने पड़े हैं। भाजपा में गुटबाजी के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी तरह एकजुट है और संगठन ही भूमिकाएं तय करता है। इसके विपरीत कांग्रेस में अनगिनत गुट हैं, जिसका नतीजा हालिया निकाय और पंचायती राज चुनावों में दिखा, जहां जनता ने भाजपा के 70 प्रतिशत से अधिक जनप्रतिनिधियों को जिताया। कांग्रेस केवल चार में से एक नगर निगम और 12 में से मात्र एक जिला परिषद (चंबा) ही जीत पाई। जनता के इस मोहभंग के कारण 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का पूरा विधायक दल एक आल्टो कार में समा जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के प्रमुख अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को घेरते हुए कहा कि डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज (टांडा) में उपकरणों की कमी के कारण बच्चों को कान के ऑपरेशन के लिए एक साल बाद की तारीख मिलना और आईजीएमसी, शिमला में मरीजों को एमआरआई के लिए एक महीने तक इंतजार करना यह साबित करता है कि प्रदेश की वर्तमान सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के बड़े-बड़े दावों और 83 लाख रुपये की नई मशीनें लगाने के बावजूद धरातल पर गरीब मरीजों को निजी क्लीनिकों में हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं या फिर दर्द में लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। यह सरकार की अकर्मण्यता और चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण है।
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