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एससी महिलाओं व सफाई सेवकों पर बेरहमी से लाठीचार्ज की न्यायिक जांच के आदेश दें गवर्नर : शिअद

सरदार सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को दो मेमोरेंडम सौंपे

राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा आयोजित 10 पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच मांगी

राज्यपाल को सूचित किया कि पड़ोसी राज्यों में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए आम आम आदमी पार्टी द्वारा बाहरी लोगों को आधे से अधिक नौकरियों दी जा रही

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 31 जुलाई। शिरोमणी अकाली दल ने आज पंजाब के गर्वनर गुलाब चंद कटारिया से हस्तक्षेप कर बरनाला में अनुसूचित जाति की महिलाओं और सफाई सेवकों पर बेरहमी से किए गए लाठीचार्ज की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच का आदेश देने और पंजाब में आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में 10 पेपरलीक के घोटालों की सीबीआई जांच का आदेश देने की अपील की है।

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अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें दो मेमोरेंडम सौंपे , जिसमें उनसे  बरनाला  में सफाई सेवको के खिलाफ बर्बरता करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करके लोकतंत्र की रक्षा करने का आग्रह किया और आप पार्टी की सरकार द्वारा बार-बार पेपर लीक और परीक्षाओं के संचालन में अनियिमितताओं से प्रभावित दस लाख छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने का आग्रह किया है।

अकाली दल अध्यक्ष ने पत्रकारों को ज्ञापनों के बारे विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि बरनाला घटना की पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच करए जाने का अनुरोध किया है। उन्होने कहा,‘‘ हमने राज्यपाल को अवगत कराया कि आम आदमी पार्टी की सकरार पुलिस को ‘गुंडों ’ की तरह इस्तेमाल कर रही है और सभी लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को बेरहमी से दबाने के निर्देश दिए गए हैं। हमने डीएसपी सतवीर सिंह बैंस और उन सभी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की मांग की है, जिन्होने महिलाओं के साथ-साथ पुरूष सफाई सेवकों के सिर पर लाठियों से वार किया था। इन अधिकारियों को सेवा से भी बर्खास्त किया जाना चाहिए।’’

सरदार बादल ने राज्यपाल को यह भी बताया कि घायल सफाई कर्मचारियों को पर्याप्त मुआवजा और उचित चिकित्सा उपचार प्रदान नही की जा रही है। उन्होने सफाई सेवकों के साथ वास्तविक संवाद शुरू करने और लंबे समय से लंबित मांगों का जल्द समाधान करने का भी आहवाहन किया।

अकाली दल के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को दस पेपर लीक और सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं के बारे भी जानकारी दी। इसने राज्यपाल को बताया कि धारणा बन गई है कि परीक्षा लीक आप पार्टी की सरकार में वरिष्ठ पदाधिकारियों की मिलीभगत से हो रही है और यह संगठित आपराधिक नेटवर्क द्वारा नौकरियों के लिए मनी रैकेट का मामला है। इसने मांग की कि परीक्षा घोटाले में मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद और आम आदमी पार्टी के नेताओं, सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों की भूमिका की सीबीआई द्वारा गहन जांच की जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने सभी डिजिटल रिकाॅर्ड, सीसीटीवी फुटेज, सर्वर, संचार रिकाॅर्ड और परीक्षा संबंधी दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच करने की भी मांग की। इसने पिछले साढ़े चार सालों के दौरान विभिन्न राज्य एजेंसियों द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं के व्यापक आॅडिट करने की मांग की गई है।

सरदार सुखबीर सिंह बादल ने गर्वनर को सूचित किया कि आम आदमी पार्टी की साजिश के तहत बाहरी लोगों को बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। उन्होने कहा,‘‘ पंजाब में मौजूदा नौकरियों में से आधे से अधिक नौकरियां राजस्थान, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में आप पार्टी को राजनीतिक मदद देने के बादले बाहरी लोगों को प्रदान की जा रही हैं।’’

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि फाॅर्मेसी अधिकारी परीक्षा में हाल ही में हुए पेपर लीक से पता चलता है कि कैसे पंजाब में सरकारी भर्ती की निष्पक्षता से समझौता करने के लिए ब्लूटूथ रिसिवर और छोटे हेडफोन जैसे अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया था, यह कई पेपर लीक होने में से एक मामला है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जो पेपर लीक हुए उनमें पीपीएससी, नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा, पीएसईबी कक्षा बारह अंग्रेजी बोर्ड परीक्षा, पंजाब राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा, पीपीएससी कृषि विकास अधिकारी परीक्षा, भाषा विभाग, भर्ती पीएसएसएसबी ग्रुप बी अधिकारी संयुक्त परीक्षा, पंजाब आबकारी निरीक्षक परीक्षा, कक्षा दस राज्य बोर्ड परीक्षा और पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका परीक्षा शामिल है। इसने कहा कि पिछल परीक्षा में 30 फीसदी साक्षात्कार अंक मनमाने ढ़ंग से दिए गए , जिसके कारण हाई कोर्ट को हस्तक्षेप कर मामले की पूरी जांच के लिए एक कमेटी का गठन करना पड़ा। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि कुछ भर्ती पेपर पर हाईकोर्ट ने भी रोक लगा दी है।

अकाली दल के प्रतिनिधिमंडल में स. बलविंदर सिंह भूंदड़, स. हीरा सिंह गाबड़िया, डाॅ. दलजीत सिंह चीमा, स. सिकंदर सिंह मलूका, स. दरबारा सिंह गुरु और नरेश धींगान शामिल थे।

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