Follow

“PM मोदी सच्चे लोकतांत्रिक, जिन्हें प्रजातंत्र पर पूरा विश्वास, उन्होंने बच्चों की भावनाएं समझी-मानीं”: विज

न्यूज़म ब्यूरो

अम्बाला, 26 जुलाई। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने पत्रकारों द्वारा धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के सवाल पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महान है और बच्चों की भावनाओं को वो अच्छी तरह से समझते हैं, इसलिए उन्होंने उनकी बातों को मान लिया। इससे यह भी सिद्ध हो गया कि मोदी जी सच्चे लोकतांत्रिक है और उनका प्रजातंत्र में पूरी तरह से विश्वास है, इसलिए वह “नरेंद्र मोदी जी को नमस्कार करते हैं”।,

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि इस देश में अनेकों आंदोलन हुए हैं, अनेकों बार लाठियां चली है, अनेकों बार गोलियां चली है और अनेक लोग मारे भी गए हैं लेकिन सरकारें टस से मस नहीं हुई और सरकारों ने कभी बातें नहीं मानी। मगर मोदी जी ने बच्चों की बात को मानकर सिद्ध कर दिया कि उनका दिल हिंदुस्तान के 140 करोड़ लोगों के साथ जुड़ा है और वह उनकी भावनाओं को समझते हैं। रात के 12:00 बजे तक भी प्रधानमंत्री सोशल मीडिया के जरिए संदेश देते रहे। नरेंद्र मोदी ग्रेट है और लोगों की भावनाओं को समझते और उसके मुताबिक वह कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा यह भी कहा धर्मेंद्र प्रधान जिन्होंने त्यागपत्र दिया है उनको वह व्यक्तिगत तौर पर जानते है, वह अच्छे इंसान व अच्छे राजनीतिज्ञ है। उनके विभाग में गलती हुई और उसी को देखते हुए उन्होंने त्यागपत्र दिया।

मंत्री अनिल विज का ‘आप’ पर तीखा हमला: बोले “दूसरों से इस्तीफा मांगने वालों को अपनी जेब में भी इस्तीफा रखना चाहिए”
दिल्ली के बाद अब पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है जिसे लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि उन्हें भी इस्तीफा दे देना चाहिए जब ये लोग दूसरों से इस्तीफा मांगते है तो खुद का भी इस्तीफा जेब में रखना चाहिए। आम आदमी पार्टी जोरो शोरों से इस्तीफा मांग रही थी तो केजरीवाल जी को अपने मंत्री का इस्तीफा लेकर ही वहां जाना चाहिए था।

Advertisement

हुड्‌डा के समय अनेकों पेपर लीक हुए थे, तब उन्होंने माना होता तो आज पेपर लीक नहीं होते : अनिल विज 
पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर हुड्डा के बयान कि शिक्षामंत्री भूपेंद्र प्रधान ने अगर पहले ही इस्तीफा दे दिया होता तो आंदोलन इतना न बढ़ता जिसको लेकर मंत्री अनिल विज ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा खुद मुख्यमंत्री थे, उस वक्त अनेकों पेपर लीक हुए थे और अगर उन्होंने मान लिया होता तो आज यह नौबत ही नहीं आती और पेपर लीक ही नहीं होता।

 

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Advertisement
Tap to Refresh