न्यूज़म ब्यूरो
अलीराजपुर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र केवल भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि वे हमारी संस्कृति, परंपरा, स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और सामाजिक चेतना के जीवंत केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि “जनजातीय अंचल किसी तीर्थ से कम नहीं हैं।” इन्हीं क्षेत्रों ने देश को ऐसे वीर सपूत दिए, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती के अवसर पर अलीराजपुर जिले के भाबरा में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले के लिए ₹357 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, जनजातीय समाज के लोगों और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही।
विकास परियोजनाओं की मिली बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सड़क, सिंचाई, शिक्षा, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए और कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि यहां के युवाओं और किसानों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर भविष्य मिल सके।
दीपावली तक शुरू होगी ₹11 हजार करोड़ की नर्मदा पाइपलाइन परियोजना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस वर्ष दीपावली तक लगभग ₹11 हजार करोड़ की नर्मदा पाइपलाइन परियोजना का लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह परियोजना जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल एवं सिंचाई व्यवस्था को नई मजबूती देगी।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से जल संकट झेल रहे क्षेत्रों में इस परियोजना के शुरू होने से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी और किसानों को कृषि कार्य के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। इससे खेती की उत्पादकता बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
70 हजार किसानों को मिलेगा सिंचाई का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना पूरी होने के बाद लगभग 55 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। इससे जिले और आसपास के क्षेत्रों के करीब 70 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पानी उपलब्ध होने से किसान एक से अधिक फसलें ले सकेंगे, आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। सरकार का लक्ष्य खेती को लाभकारी बनाकर किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है।

जनजातीय संस्कृति और आस्था को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिले में रानी काजल माता लोक का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जनजातीय समाज की आस्था, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने के साथ-साथ पर्यटन को भी नई पहचान देगी।
उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास स्थानीय रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
बेटियों की शिक्षा पर सरकार का विशेष फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा को लेकर भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिले के चार कन्या विद्यालयों में 800 नई सीटें बढ़ाई जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही जनजातीय समाज के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला है। सरकार चाहती है कि हर बेटी पढ़े, आगे बढ़े और अपने परिवार तथा समाज का नाम रोशन करे। इसी सोच के साथ छात्रावास, विद्यालय और शिक्षा सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनजातीय अंचलों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार जैसे सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व निवेश किया जा रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में अलीराजपुर सहित पूरा जनजातीय अंचल विकास, समृद्धि और आत्मनिर्भरता का नया उदाहरण बनेगा। कार्यक्रम में मंत्री नागरसिंह चौहान, श्याम टेलर, जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।




