चंडीगढ़, 25 जून। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औम प्रकाश धनखड़ ने संविधान हत्या दिवस के अवसर रोहतक में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला और पीड़ादायक अध्याय था, जिसकी स्मृति राष्ट्र को सदैव सचेत रहने की प्रेरणा देती है।
धनखड़ ने कहा कि समाज और राष्ट्र अपने इतिहास के कठिन अध्यायों को इसलिए याद रखते हैं ताकि भविष्य में वैसी भूलों की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि जो राष्ट्र अपने संघर्षों और पीड़ाओं को भूल जाते हैं, वे इतिहास से मिलने वाली सीख भी खो देते हैं। इसलिए आपातकाल की घटनाओं को स्मरण रखना लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण दायित्व है।
राष्ट्रीय सचिव धनखड़ ने कहा कि आपातकाल केवल राजनीतिक असहमति को दबाने का प्रयास नहीं था, बल्कि संविधान की आत्मा, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक स्वतंत्रताओं पर सीधा हमला था। हजारों लोकतंत्र सेनानियों ने जेलों में यातनाएं झेलीं, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के अपने संकल्प से पीछे नहीं हटे। कई बड़े नेताओं को रोहतक की जेल में रखा गया।लोकतंत्र को बचाने और देश हित में हमारी पार्टी जनसंघ ने जनता पार्टी में विलय करना पड़ा। भाजपा के कार्यकर्ता के लिए देश हित पहले है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने देश हित को अपने हित से पहले रखा है। इसके विपरीत कांग्रेस ने एक परिवार की रक्षा के लिए लोकतंत्र की हत्या का प्रयास किया। इसलिए आज कांग्रेस राजनीतिक रूप से हाशिए पर जा रही है।
धनखड़ ने कहा कि संविधान हत्या दिवस केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के प्रति नए संकल्प का दिवस है। उन्होंने आह्वान किया कि देश का प्रत्येक नागरिक लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक और प्रतिबद्ध रहे, ताकि भविष्य में कोई भी शक्ति संविधान और लोकतंत्र की मर्यादाओं को चुनौती देने का साहस न कर सके।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।
