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गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता अब स्वीकार्य नहीं : ललित गोयल

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आईपी 2026 संगोष्ठी में हरियाणा के स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर ललित गोयल रहे आकर्षण का केंद्र, दवा गुणवत्ता अनुपालन पर दिया सशक्त संदेश

न्यूज़म ब्यूरो 

नई दिल्ली। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर नई दिल्ली में भारतीय भेषज संहिता 2026 (आईपी 2026) पर एक दिवसीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हरियाणा के राज्य औषधि नियंत्रक ललित कुमार गोयल खास तौर पर विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। अपने प्रभावशाली संबोधन में उन्होंने स्पष्ट कहा कि आईपी 2026 केवल एक संशोधित दस्तावेज नहीं, बल्कि दवा गुणवत्ता अनुपालन की नई दिशा और कड़ी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

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यह संगोष्ठी भारतीय फार्माकोपियां कमीशन द्वारा फेडरेशन ऑफ फार्मा एंटरप्रेन्योर्स के सहयोग से आयोजित की गई, जिसका मुख्य विषय था — दवा गुणवत्ता अनुपालन को सुदृढ़ और सुव्यवस्थित बनाना।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। भारतीय भेषज संहिता आयोग के सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक डॉ वी कलाईसेलवन ने स्वागत भाषण में आईपी 2026 की प्रमुख विशेषताओं, संशोधित मोनोग्राफ तथा अद्यतन गुणवत्ता मानकों पर प्रकाश डाला।

इसके पश्चात एसडीसी ललित गोयल ने अपने प्रारंभिक उद्बोधन में राज्यों की नियामक भूमिका, निरीक्षण प्रणाली की पारदर्शिता तथा प्रयोगशाला अनुपालन की अनिवार्यता पर जोर देते हुए कहा कि अब गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

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दिल्ली औषधि नियंत्रण विभाग के प्रमुख राजीव भार्गव ने विशेष संबोधन में राजधानी में लागू गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था और प्रवर्तन अनुभव साझा किए। वहीं दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंस एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी के कुलपति रविचंद्रन वी ने अपने मुख्य व्याख्यान में आईपी 2026 को वैश्विक मानकों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए शोध, नवाचार और शैक्षणिक सुदृढ़ता की आवश्यकता पर बल दिया।

संगोष्ठी के दौरान आयोजित पैनल चर्चा में गुजरात के पूर्व राज्य औषधि नियंत्रक डॉ हेमंत ने आईपी 2026 के क्रियान्वयन, निरीक्षण प्रक्रियाओं तथा उद्योग की तैयारियों पर महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। चर्चा में संशोधित मानकों, प्रयोगशाला परीक्षण प्रणाली और नियामक अपेक्षाओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

इस पूर्णदिवसीय कार्यक्रम में लगभग 100 से 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें दवा निर्माण क्षेत्र, गुणवत्ता नियंत्रण विशेषज्ञ तथा रसायन विज्ञान पृष्ठभूमि से जुड़े पेशेवर शामिल थे। विस्तृत चर्चाओं से प्रतिभागियों को आईपी 2026 की प्रमुख विशेषताओं और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग की स्पष्ट समझ प्राप्त हुई।

कार्यक्रम का समापन फेडरेशन ऑफ फार्मा एंटरप्रेन्योर्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश मदान द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। समग्र रूप से यह संगोष्ठी दवा गुणवत्ता मानकों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रभावशाली पहल सिद्ध हुई, जिसमें एसडीसी ललित गोयल का स्पष्ट, दृढ़ और मार्गदर्शक संदेश विशेष रूप से चर्चा का केंद्र रहा।

 

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