न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ, 14 फरवरी : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के परिसर में नवनिर्मित स्वर्ण जयंती द्वार का भव्य लोकार्पण भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने किया। विश्व विद्यालय के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में निर्मित यह स्वर्ण जयंती द्वार संस्थान की उपलब्धियों, विकास और गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। लोकार्पण अवसर पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया और परिसर के हरित एवं स्वच्छ वातावरण की सराहना की।

इस अवसर पर पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान, उपायुक्त सचिन गुप्ता, कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत, डीन सीडीसी प्रो. विनीता हुड्डा, डीन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट प्रो. प्रमोद भारद्वाज, निदेशक हॉर्टिकल्चर प्रो. दीपक कौशिक, निदेशक खेल डॉ. शकुंतला बेनीवाल, कार्यकारी अभियंता जे.एस. दहिया सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
करीब 1.25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह स्वर्ण जयंती द्वार झज्जर बाईपास की ओर स्थापित किया गया है, जिससे विश्वविद्यालय में प्रवेश और निकास की व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित और सुगम होगी। आरसीसी फ्रेम स्ट्रक्चर पर आधारित इस द्वार में धौलपुर एवं लाल पत्थर की क्लैडिंग की गई है, जो इसे भव्य और आकर्षक स्वरूप प्रदान करती है। द्वार में वाहनों के लिए पृथक प्रवेश और निकास गेट बनाए गए हैं, जिनके दोनों ओर दो-दो लेन की सडक़ विकसित की गई है। साथ ही पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए चार छोटे गेट, सुरक्षा के लिए गार्ड रूम, पक्का फुटपाथ तथा सामने विस्तृत लैंडस्केपिंग क्षेत्र विकसित किया गया है।