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बजट ने आम नागरिक की सोच को “मैं” से “राष्ट्र प्रथम” की दिशा में मोड़ दिया है : सीए उमा कांत मेहता

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न्यूज़म ब्यूरो 

 

चंडीगढ़, 1 फरवरी। आईसीएआई की चंडीगढ़ शाखा के पूर्व अध्यक्ष सीए उमा कांत मेहता ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 को ट्राइसिटी के विशेष संदर्भ में विस्तार से समझाते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। बकौल उमा कांत मेहता, इस वर्ष केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट ने आम नागरिक की सोच को “मैं” से “राष्ट्र प्रथम” की दिशा में मोड़ दिया है। इस बार देश को अनेक ऐसी सौगातें दी गई हैं, जिनका अंतिम लाभ आम जनमानस तक पहुँचेगा। यदि हम ट्राइसिटी (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) की बात करें, तो इसके लिए बजट में कई महत्वपूर्ण अवसर सामने आए हैं।

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एक उभरते हुए आईटी हब के रूप में ट्राइसिटी को तकनीकी क्षेत्र के लिए बनाए गए नए कर नियमों से बड़ा लाभ मिलेगा। भारतीय डेटा सेंटर्स का उपयोग करने वाली विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को वर्ष 2047 तक कर अवकाश (टैक्स हॉलिडे) दिया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) भी आकर्षित होगा और अमेरिका जैसे देशों पर निर्भरता कम होगी।

 

चंडीगढ़ और संपूर्ण ट्राइसिटी उत्तर भारत का एक प्रमुख शिक्षा केंद्र है। STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में एक-एक बालिका छात्रावास स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही विदेश में पढ़ाई के लिए लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है, जिससे बड़ी संख्या में विदेश जाने वाले ट्राइसिटी के छात्रों को लाभ मिलेगा।

 

ट्राइसिटी में लगभग 1,48,500 पंजीकृत एमएसएमई हैं। चंडीगढ़ और आसपास के औद्योगिक क्लस्टर्स को ₹10,000 करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड से समर्थन मिलेगा, जिसका उद्देश्य एमएसएमई को “फ्यूचर चैंपियंस” में बदलना है। इससे स्थानीय उद्योगों को आवश्यक पूंजी प्राप्त होगी और विकास को गति मिलेगी।

 

हालाँकि प्रस्तावित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली-वाराणसी जैसे मार्गों पर केंद्रित हैं, लेकिन सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में वृद्धि (₹12.2 लाख करोड़) से दिल्ली-चंडीगढ़ कनेक्टिविटी कॉरिडोर को भी अप्रत्यक्ष रूप से मजबूती मिलेगी। इसके अतिरिक्त 4,000 नई ई-बसें प्रस्तावित की गई हैं, जिनमें से कुछ चंडीगढ़ को मिलने की उम्मीद है, जो पहले से ही उत्तर भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में अग्रणी है।

 

सरकार 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब विकसित करेगी। पीजीआईएमईआर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की उपस्थिति के कारण चंडीगढ़ इसके लिए एक प्रमुख दावेदार है। इसके साथ ही 20 पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। चंडीगढ़ का कैपिटल कॉम्प्लेक्स यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल होने के कारण इस योजना में शामिल होने की प्रबल संभावना है, जिसमें आईआईएम के सहयोग से प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 

नया आयकर अधिनियम, 2025 जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा, सरल नियमों और प्रपत्रों के माध्यम से ट्राइसिटी की बड़ी वेतनभोगी आबादी — जिसमें सरकारी कर्मचारी और निजी आईटी क्षेत्र के कर्मी शामिल हैं — के लिए कर व्यवस्था को आसान बनाएगा।

 

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