न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 17.04.2026 : ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) पर केंद्रित एक संगोष्ठी आज चंडीगढ़ सचिवालय में आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य इस प्रायः कम पहचानी जाने वाली बीमारी के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा इसके स्वास्थ्य एवं सड़क सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए निवारक उपायों पर बल देना था।
संगोष्ठी में स्वास्थ्य सचिव मंदीप सिंह बराड़; एसएसपी ट्रैफिक सुमेर प्रताप सिंह; निदेशक प्राचार्य जीएमसीएच-32 डॉ. रवनीत कौर सहित स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग एवं चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

“ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का मौन प्रभाव—जनजागरूकता, स्क्रीनिंग एवं प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता” विषय पर एक संक्षिप्त एवं जानकारीपूर्ण प्रस्तुति डॉ. संदीप बंसल, एमएस, एफएएमएस, एफआईएमएसए, प्रोफेसर एवं इंचार्ज स्लीप लैब, ओटोलैरिंजोलॉजी एवं हेड एंड नेक सर्जरी विभाग तथा अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक (एचई), पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ द्वारा दी गई। वे इंडियन एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स फॉर स्लीप एपनिया (ASSA) के अध्यक्ष भी हैं।
डॉ. बंसल ने बताया कि OSA नींद की गुणवत्ता और दिन के समय सतर्कता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, जो विशेष रूप से वाहन चालकों एवं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में लगे कर्मियों के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। उन्होंने प्रारंभिक पहचान, समय पर स्क्रीनिंग, उचित उपचार एवं व्यापक जनजागरूकता के महत्व पर जोर दिया।

संगोष्ठी के दौरान यह भी चर्चा की गई कि निवारक उपायों के तहत सीटीयू चालकों एवं वाणिज्यिक वाहन चालकों, विशेष रूप से लंबी दूरी की बसें चलाने वालों, तथा पुलिस कर्मियों के लिए जागरूकता संगोष्ठियों एवं स्क्रीनिंग कैंपों का आयोजन किया जाएगा।