न्यूज़म ब्यूरो

मुख्य सचिव द्वारा स्व-गणना कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया गया है, जिससे नागरिकों को इस सरल, सुरक्षित एवं सुविधाजनक डिजिटल प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरणा मिलेगी। स्व-गणना के माध्यम से नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन जानकारी भर सकते हैं, जिससे समय की बचत के साथ-साथ आंकड़ों की शुद्धता भी सुनिश्चित होती है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने प्रभावी योजना निर्माण एवं नीतिगत निर्णयों के लिए सटीक आंकड़ों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्व-गणना सुविधा का अधिकतम लाभ उठाएं और जनगणना प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग प्रदान करें।
जनगणना संचालन निदेशालय, यूटी चंडीगढ़ तथा उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी, यूटी चंडीगढ़ द्वारा स्व-गणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। नागरिकों की सहायता हेतु एक समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन (1855) भी स्थापित की गई है, जहां किसी भी प्रकार की जानकारी या तकनीकी सहायता प्राप्त की जा सकती है।

सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक जनगणना पोर्टल (https://se.census.gov.in) पर जाकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी स्व-गणना पूर्ण करें। एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए, जनगणना अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप उपयोग में लाई जाएगी।
मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद द्वारा सफलतापूर्वक की गई स्व-गणना, जनगणना 2027 के क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इससे व्यापक जनसहभागिता को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।