पीएमडीए द्वारा पहली बार अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की तर्ज पर किया गया वसंत उत्सव-2026 का भव्य आयोजन
तीन दिवसीय आयोजन में लाखों लोगों की उमड़ी भीड़, कला, संस्कृति और प्रकृति प्रेमियों ने लिया भरपूर आनंद
विभिन्न प्रतियोगिताओं, हस्तशिल्प और व्यंजन स्टॉलों ने बढ़ाई मेले की रौनक
न्यूज़म ब्यूरो
पंचकूला, 15 मार्च : शिवालिक पर्वत श्रृंखला की तलहटी में बसा पंचकूला शहर कई मायनों में विशेष महत्व रखता है। पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (पीएमडीए) द्वारा पहली बार आयोजित तीन दिवसीय वसंत उत्सव ने शहर को एक नई पहचान दी है। पीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. मकरंद पांडुरंग के विजन के अनुरूप 37 वर्षों बाद पहली बार इस तीन दिवसीय वसंत उत्सव का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की तर्ज पर किया गया। इस उत्सव में स्कूली बच्चों, रंगमंच कलाकारों, प्रकृति प्रेमियों और गार्डनिंग में रुचि रखने वाले ट्राईसिटी के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जो देखने लायक थी।

उत्सव के पहले दिन 13 मार्च को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर लगभग एक वर्ष से रखरखाव के लिए बंद पड़े कैक्टस गार्डन को पीएमडीए के प्रयासों से आम जनता के लिए पुनः खोल दिया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उल्लेख किया कि पीएमडीए पंचकूला शहर को और अधिक सुंदर एवं आकर्षक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। उल्लेखनीय है कि पीएमडीए के गठन और श्री के. मकरंद पांडुरंग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कार्यभार संभालने के बाद से शहर की सड़कों और पार्कों के जीर्णोद्धार का कार्य लगातार जारी है।

आनंद, नवजीवन और उमंग की प्रतीक वसंत ऋतु के अवसर पर आयोजित यह तीन दिवसीय उत्सव कई मायनों से महत्वपूर्ण रहा। अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की तर्ज पर पहली बार यहां आगंतुकों के लिए व्यंजन, हस्तशिल्प और स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों के स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों पर लोगों ने न केवल विभिन्न उत्पादों का अवलोकन किया, बल्कि जमकर खरीदारी भी की। गोहाना के मातूराम हलवाई की प्रसिद्ध जलेबी से लेकर दक्षिण भारतीय व्यंजनों तक का लोगों ने भरपूर आनंद लिया।
पीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मकरंद पांडुरंग का विजन है कि पंचकूला के 8 एकड़ में फैले कैक्टस गार्डन को विश्व के सर्वश्रेष्ठ कैक्टस गार्डनों में शामिल किया जाए। इसी उद्देश्य से पिछले एक वर्ष के दौरान गार्डन का व्यापक जीर्णोद्धार किया गया, जिसके तहत कैक्टस की लगभग 300 नई प्रजातियां शामिल की गई हैं। कैक्टस गार्डन के क्यूरेटर मेजर जनरल सी.एस. बेवली (सेवानिवृत्त) ने बताया कि मकरंद पांडुरंग ने पहले दिन से ही कैक्टस गार्डन को नया स्वरूप देने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। पुणे (महाराष्ट्र) से 50 से अधिक बड़े कैक्टस पौधे भी यहां मंगवाए गए हैं। गार्डन के पुनः खुलने के बाद बड़ी संख्या में दर्शक इसके नए स्वरूप को देखने के लिए पहुंच रहे हैं।

वसंत उत्सव के आयोजन से पंचकूला के सबसे बड़े पार्कों में एक सेक्टर-5 का टाउन पार्क भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा, जहां प्रतिदिन हजारों लोग सुबह-शाम सैर के लिए आते हैं। नियमित रूप से सैर करने आने वाले लोगों ने भी इस उत्सव की सराहना की।

आने वाले वर्षों में पंचकूला का यह वसंत उत्सव और अधिक भव्य रूप लेने की संभावना है। इस उत्सव के दौरान ‘बेस्ट गार्डन इन सिटी पंचकूला’, ‘बेस्ट स्कूल गार्डन’, संस्थागत तथा निजी श्रेणियों में लगभग 2250 कट फ्लॉवर और गमलों की प्रविष्टियां प्राप्त हुईं।

उत्सव में प्रसिद्ध लोकगायक गजेंद्र फोगाट, अमित सैनी रोहतकिया और नवीन पूनिया के अलावा पंजाबी गायक तरसेम सिंह जस्सर तथा सूफी गायक कंवर ग्रेवाल ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेले के सफल आयोजन में जिला प्रशासन और नगर निगम पंचकूला का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

वसंत उत्सव ने कलाकारों के साथ-साथ युवाओं और बच्चों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच प्रदान किया। इस दौरान रंगोली प्रतियोगिता, पेंटिंग प्रतियोगिता, फेस पेंटिंग, टेक्सटाइल कार्टोग्राफी, टैटू पेंटिंग, पर्यावरण क्विज, मेहंदी प्रतियोगिता, माइम एक्टिंग, हास्य कवि सम्मेलन, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, डुएट डांस प्रतियोगिता, बेबी शो, फैशन शो, पॉट पेंटिंग, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, सेल्फी प्रतियोगिता, सोलो सिंगिंग और फोक डांस प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया तथा विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया।