Follow

7 महिला थाने, 3 साइबर थाने और एटीएस गठन से मजबूत होगी कानून व्यवस्था : नायब सिंह सैनी

Listen to this article

गृह विभाग के लिए 8,475.01 करोड़ रुपए का बजट प्रस्ताव 

अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण, पुलिस आधुनिकीकरण पर विशेष फोकस

हरियाणा में पुलिस व्यवस्था होगी और आधुनिक, नए नियम होंगे अधिसूचित

Advertisement

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 2 मार्च : हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में बतौर वित्त मंत्री राज्य का बजट वर्ष 2026-27 प्रस्तुत करते हुए गृह विभाग को और अधिक सशक्त, आधुनिक तथा जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। गृह विभाग के लिए वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान 7,904.99 करोड़ रुपए की तुलना में 7.21 प्रतिशत वृद्धि करते हुए वर्ष 2026-27 के लिए 8,475.01 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने लोहारू, बरवाला, नरवाना, समालखा, महम, रादौर और पेहोवा में 7 नए महिला पुलिस थाने स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सोनीपत, गोहाना और बहादुरगढ़ में 3 नए साइबर अपराध पुलिस थाने खोले जाएंगे।

उन्होंने जानकारी दी कि आतंकवादी गतिविधियों की रोकथाम के लिए पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी के अधीन एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) का गठन किया जाएगा। एटीएस का एक थाना गुरुग्राम में तथा दूसरा थाना पंचकूला में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 35.5 करोड़ रुपए के व्यय का प्रस्ताव रखा गया है। एटीएस में महिला कमांडो को भी शामिल करने का प्रावधान किया जाएगा।

सड़क पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को अगले तीन वर्षों में बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस किया जाएगा। अगले वर्ष 5,000 नए बॉडी वॉर्न कैमरे खरीदे जाएंगे, जिनमें ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो पुलिसकर्मी आपराधिक तत्वों का बहादुरी से सामना करेंगे, उन्हें समय से पूर्व पदोन्नति दी जाएगी, जबकि अपने कर्तव्य के प्रति गद्दारी करने वालों को उदाहरणात्मक दंड दिया जाएगा।

भारतीय सेना में सेवाएं देकर लौटने वाले अग्निवीरों को हरियाणा पुलिस में विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त, 1,300 अग्निवीरों की विशेष भर्ती भी अगले वर्ष की जाएगी।

उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बटालियन के लिए नूंह जिले के गांव संगेल में 107 एकड़ भूमि पर आधुनिक भवन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। हरियाणा पुलिस कल्याण कोष में 16 करोड़ रुपए का समतुल्य अनुदान दिया जाएगा।

बेहतर आपातकालीन सेवाएं सुनिश्चित करने और प्रतिक्रिया समय कम करने के लिए 150 नई इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल खरीदी जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि वर्ष 1934 में बनाए गए पंजाब पुलिस नियमों को निरस्त कर हरियाणा पुलिस नियम अधिसूचित किए जाएंगे, जिससे पुलिस व्यवस्था अधिक आधुनिक और नागरिकों के प्रति संवेदनशील बनेगी।

उन्होंने आगे बताया कि फतेहाबाद, चरखी दादरी और पंचकूला में जिला जेल तथा रोहतक में हाई सिक्योरिटी जेल बनाने का प्रस्ताव है। सभी जेलों में आधुनिक तकनीकी उपकरण लगाए जाएंगे, ताकि बंद अपराधी बाहरी संपर्क स्थापित न कर सकें। जेल वार्डरों के लिए भी बॉडी वॉर्न कैमरे खरीदे जाएंगे।

भिवानी, नारनौल, जींद, गुरुग्राम, रेवाड़ी, फतेहाबाद, चरखी दादरी और झज्जर की 8 जेलों में पेट्रोल पंप खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रावधानों से राज्य की कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा आंतरिक सुरक्षा तंत्र अधिक सक्षम और प्रभावी बनेगा।

आबकारी सेवाओं को पूर्णतः ऑनलाइन एवं कागज रहित बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री

आबकारी एवं कराधान विभाग के लिए ₹77,950 करोड़ के राजस्व का रखा लक्ष्य

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अधिकाधिक आबकारी सेवाओं को पूर्णतः ऑनलाइन एवं कागज रहित बनाया जाएगा। साथ ही, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली को अपग्रेड करके उसे एंड-टू-एंड संचालन योग्य बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री के तौर पर आज बजट पेश करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में आबकारी एवं कराधान विभाग के लिए ₹77,950 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य रखा है , जो वर्ष 2025-26 के लक्ष्य से 13.24% अधिक है।

उन्होंने बताया कि जीएसटी संग्रह में 22% की   वृद्धि दर से हमारा प्रदेश देश के सभी 28 राज्यों में आज सर्वाधिक वृद्धि दर वाला प्रदेश है। साथ ही, हरियाणा प्रति व्यक्ति कुल जीएसटी कर संग्रह में देश के राज्यों में दूसरे स्थान पर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग के लिए ₹68.835 करोड़ का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया था। उन्होंने बताया कि  28 फरवरी, 2026 तक ₹66,661 करोड़ नेट राजस्व आमदनी के तौर पर खजाने में जमा हो चुके हैं, जो कि बजट में निर्धारित लक्ष्य का 96.84% है।

उन्होंने आगे बताया कि पिछले वर्ष कृषि उपकरणों पर जीएसटी में छूट व जीएसटी रिफंड प्रक्रिया के सरलीकरण के विषय को जीएसटी काउंसिल में रखने का वादा किया था। हर्ष की बात है कि सितंबर, 2025 में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में कृषि संबंधित उपकरणों पर जीएसटी की दर को 18% व 12% से घटाकर 5% कर दिया गया। साथ ही, आम उपभोग की खाद्य वस्तुओं को जीएसटी से पूर्णतः मुक्त किया गया तथा इलेक्ट्रॉनिक व घरेलू उपकरणों पर जीएसटी दर को घटाकर 18% कर दिया गया है। इन व्यापक नीतिगत सुधारों और नागरिकों को दीपावली से पहले दी गई भारी जीएसटी बचत के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  व वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का हरियाणा की जनता की ओर से और अपनी ओर से हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष छोटे व्यापारियों के लाभ हेतु शुरू की गई वन टाइम सेटलमेंट योजना के अंतर्गत 1 लाख 15 हजार 323 छोटे करदाताओं ने ₹1,500 करोड़ की बकाया राशि का निपटान करते हुए सरकार के खजाने में ₹267 करोड़ की राशि जमा करवाई। वित्त वर्ष 2026-27 में वैट, सीएसटी तथा एलएडीटी/एंट्री टैक्स के अंतर्गत पुराने बकाया मामलों के लिए एक नई वन टाइम सेटलमेंट योजना लाई जाएगी।

जी.एस.टी. कर प्रणाली को करदाताओं के लिए और अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जी.एस.टी. पोर्टल के माध्यम से जारी किए जाने वाले नोटिस व ऑर्डर को डाक के माध्यम से भी भेजने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पिछले बजट में की गई घोषणा के तहत ₹2 करोड़ से अधिक के जी.एस.टी. के डिमांड नोटिस को उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त को जारी करने का अधिकार दिया गया था, जिससे कर प्रणाली को और सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने बताया कि अब उनको मिले एक सुझाव के अनुरूप कुछ जिलों में इस सीमा को घटाकर ₹1 करोड़ किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि केंद्र तथा राज्य के जी.एस.टी. प्राधिकरणों द्वारा एक ही समय पर समानांतर प्रवर्तन (Enforcement) कार्यवाहियों के कारण करदाताओं की कठिनाइयों को दूर करने के उद्देश्य से एक तंत्र विकसित करने के विषय को वे जी.एस.टी. परिषद की अगली बैठक में उठाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी.एस.टी. अधिनियम के अंतर्गत प्रारम्भिक वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक के संबंधित आर्डर, जो कि अपील के लिए टाईम बार हो गये थे, उन सभी केसों में अपील दायर करने हेतु समय की एकमुश्त छूट के एक प्रस्ताव को भी जी.एस.टी. काउंसिल के विचारार्थ भेजा जायेगा।

उन्होंने बताया कि जीएसटी के बाद भी प्रदेश में 6 वस्तुओं मानव उपभोग हेतु शराब, पेट्रोल, डीजल, एटीएफ, प्राकृतिक गैस तथा कच्चा तेल पर वैट लागू है। इन वस्तुओं की वैट रिटर्न दाखिल करने की प्रणाली को और सरल किया जाएगा।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में स्थित विभागीय कार्यालयों में आधुनिक पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे। प्रथम पुस्तकालय की स्थापना 1 जुलाई, 2026 तक गुरूग्राम जिले में की जाएगी।

उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि उपरोक्त पहलों एवं सुधारों के माध्यम से राज्य में कर प्रशासन सुदृढ़ होगा तथा कर अनुपालन में और सुधार आएगा।

 

What are your Feelings
Advertisement
Tap to Refresh