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छात्रों की यात्रा होगी और सुगम: 1,000 नई बसों की खरीद का निर्णय : नायब सिंह सैनी

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परिवहन, मेट्रो और नागरिक उड्डयन में बड़ा विस्तार : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2026-27 बजट में रखे व्यापक प्रस्ताव

पिंजोर में बनेगा आधुनिक हेलीपोर्ट, नागरिक उड्डयन को मिलेगा नया आयाम : नायब सिंह सैनी

न्यूज़म ब्यूरो

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चंडीगढ़, 2 मार्च : हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर वित्त मंत्री वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए प्रदेश में मेट्रो विस्तार, क्षेत्रीय परिवहन सुदृढ़ीकरण और नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा नमो भारत आरआरटीएस के अंतर्गत दिल्ली-बावल और दिल्ली-करनाल के दो कॉरिडोर स्वीकृत किए गए हैं। 93 किलोमीटर लंबे दिल्ली-बावल कॉरिडोर पर 32,327 करोड़ रुपये तथा 136 किलोमीटर लंबे दिल्ली-करनाल कॉरिडोर पर 33,051 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अतिरिक्त, गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत आरआरटीएस के लगभग 64 किलोमीटर लंबे अंतिम अलाइनमेंट को भी स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसकी अनुमानित लागत 15,746 करोड़ रुपये है, जिसमें हरियाणा का अंश 3,573 करोड़ रुपये रहेगा।

उन्होंने जानकारी दी कि दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन को नरेला से कुंडली तक विस्तारित करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। हरियाणा क्षेत्र में लगभग 2.7 किलोमीटर लंबे इस हिस्से पर 545.77 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

क्षेत्रीय परिवहन एवं यातायात को मिलेगा नया बल

मुख्यमंत्री ने बताया कि यातायात सुविधाओं को और अधिक सुलभ व सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान 3,347.79 करोड़ रुपये को 5.82 प्रतिशत बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में 3,542.79 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।

उन्होंने कहा कि चंडीगढ़-दिल्ली एयरपोर्ट-गुरुग्राम तथा चंडीगढ़ से प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे कटरा, सालासर, खाटूश्याम, हरिद्वार और अमृतसर के लिए हरियाणा रोडवेज द्वारा 50 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। वर्तमान में 12 शहरों में संचालित इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा को शेष जिला मुख्यालयों तक विस्तारित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए 1,000 नई बसों की खरीद की जाएगी। महिला यात्रियों व छात्राओं के लिए समर्पित 273 बसों की संख्या बढ़ाकर 500 की जाएगी। कनीना, नरवाना, गन्नौर एवं कलायत में नए बस अड्डों का निर्माण किया जाएगा।

उन्होंने आगे बताया कि एचएसएससी परीक्षार्थियों को मुफ्त यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु एक वेब पोर्टल विकसित किया जाएगा। सड़क सुरक्षा एवं परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए प्रदेश में केंद्रीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा। सभी सार्वजनिक सेवा वाहनों में ट्रैकिंग उपकरण और महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाए जाएंगे, जिनकी निगरानी इसी सेंटर से होगी। बसों की उपलब्धता संबंधी जानकारी हेतु 15 अगस्त 2026 तक एक निःशुल्क सिटीजन मोबाइल ऐप प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पंजीकृत वाहन स्क्रैप नीति के अंतर्गत जनवरी से दिसंबर 2025 तक 11,351 सरकारी और 14,487 निजी वाहनों को स्क्रैप किया गया है। आगामी वर्ष 11,500 सरकारी तथा 15,000 निजी वाहनों को स्क्रैप करने का लक्ष्य रखा गया है। महिलाओं के नाम पंजीकृत गैर-परिवहन वाहनों पर मोटर वाहन कर में 1 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दोपहिया, चारपहिया एवं ई-रिक्शा पर वर्तमान 20 प्रतिशत मोटर वाहन कर छूट को और बढ़ाने का प्रस्ताव है।

उन्होंने बताया कि नूंह, फरीदाबाद, अंबाला और गुरुग्राम में 140 करोड़ रुपये की लागत से चालक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान पूर्ण किए जाएंगे। प्रत्येक जिले में एक स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा तथा रोहतक स्थित परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र को अपग्रेड किया जाएगा।

नागरिक उड्डयन क्षेत्र में नई उड़ान

मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र प्रदेश की प्रगति का सशक्त माध्यम बन रहा है। गत वर्ष हिसार एयरपोर्ट से अयोध्या, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं प्रारंभ की गई थीं, जिनका व्यापक लाभ नागरिकों को मिला है। अब हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी। हिसार एयर कार्गो टर्मिनल का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।

उन्होंने घोषणा की कि पिंजोर में एक आधुनिक हेलीपोर्ट का निर्माण किया जाएगा तथा करनाल में 600 एकड़ भूमि पर नए ग्रीन-फील्ड हवाई अड्डे के लिए वर्ष 2026-27 में आवश्यक औपचारिक स्वीकृतियां प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नागरिक उड्डयन विभाग के लिए वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान 306.75 करोड़ रुपये को 86.91 प्रतिशत बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में 573.34 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी कदम प्रदेश में आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन तंत्र स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे।

 

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