
बठिंडा सांसद ने पार्टी के ‘पंजाब बचाओ’ अभियान के दूसरे चरण के तहत यहां एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए सरदार सुखबीर सिंह बादल की गंभीर रूप से घायल बाजू की सर्जरी के बाद की तस्वीर और हमलावर द्वारा उन पर किए गए हमले में इस्तेमाल किए गए डेढ़ फुट लंबे चाकू की तस्वीर भी दिखाई। उन्होने कहा,‘‘ घाव को दोनों तरफ से अंदर और बाहर से घाव को बंद करने के लिए 150 से अधिक टांके लगाए गए हैं, क्योंकि खंजर बहुत धारीदार नोक वाला चाकू मांस के अंदर तक चला गया।’’नांदेड़ साहिब की पूरी घटना के साथ-साथ 4 दिसंबर 2024 को श्री दरबार में हुए हमले को सरदार बादल को खत्म करने और अकाली दल को कमजोर करने की गहरी साजिश का हिस्सा बताते हुए बीबा बादल ने कहा,‘‘यही कारण है कि मैंने केंद्रीय गृह मंत्री से दोनों घटनाओं की एनआईए जांच का आदेश देने का अनुरोध किया है। ऐसा इसीलिए है, क्योंकि श्री दरबार साहिब में अकाली दल अध्यक्ष पर हमला करने वाले आईएसआई एजेंट की एक सुपरिडेंट ऑफ़ पुलिस ने मदद की थी और वह इस जघन्य अपराध के बावजूद तीन महीने के भीतर जमानत हासिल करने में भी कामयाब रहा।’’

बीबा बादल ने यह भी खुलासा किया कि नांदेड़ साहिब में हमले के मामले में जब सरदार बादल गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी की सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे, तो निहंग सिंह का वेश धारण किए हमलावर ने उन्हें नीचे उतारने की नौटंकी की, फिर मुडकर उन पर हमला कर दिया। उन्होने कहा,‘‘ कोई भी सच्चा सिख गुरुद्वारे में इस तरह के कायरतापूर्ण कृत्य नही कर सकता इसीलिए पूरे मामले की एनआईए द्वारा जांच की जानी चाहिए ताकि हमलों की तह तक पहुंचा जा सके और साथ ही उन लोगों का पता लगाया जा सके जो इन्हें प्रायोजित कर रहे हैं।’’बीबा बादल ने कहा कि इस तरह के गुरुदोखी और राष्ट्रविरोधी तत्व पंजाब की शांति को तहस-नहस करना चाहते हैं, लेकिन ये विभाजनकारी कृत्य अकाली दल को कभी भी झुका नही पाएंगें और सरदार सुखबीर सिंह बादल पहले से अधिक मजबूत होकर उभरेंगें। उन्होने बताया कि सरदार बादल अस्पताल से छुटटी मिलने के बाद ‘चडदीकला’ में हैं और अस्पताल की खिड़की के चारो और ‘बाज’ को चक्कर लगाते देखकर उनके ‘पंथ’’ की सेवा करने के उनके संकल्प को और भी अधिक मजबूत किया है।

यह कहते हुए कि शिरोमणी अकाली दल को उसके रास्ते से कुछ भी भटका नही सकता, बीबा बादल ने कहा,‘‘ हमारी ताकत, हमारा स्तंभ, हमारा आधार सब कुछ हमारे गुरु साहिब हैं। इसीलिए अब मैं इन बांटने वाली ताकतों को चुनौती देती हूं- जितना अधिक आप हम पर हमला करने और हमें खत्म करने की कोशिश करेंगें, हम उतने ही मजबूत होकर उभरेंगें।’’
अकाली दल अध्यक्ष के समर्थन में नारेबाजी के बीच एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए बीबा बादल ने पंजाबियों से यह संकल्प लेने की अपील की कि वे पंजाब पर पंजाबियों का ही शासन होगा और राज्य का खजाने का इस्तेमाल बाहरी लोगों की खजाने भरने के बजाय राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा।

लोगों से आग्रह करते हुए कि सरकारी नौकरियां केवल पंजाबियों को ही मिलनी चाहिए, बाहरी लोगों को नही, बीबा बादल ने कहा,‘‘ हमें आम आदमी पार्टी सरकार के तहत प्रचलित गैंगस्टरवाद को खत्म करने का भी संकल्प करना चाहिए।’’ उन्होने पंजाब के अधिकारों जिनमें जलक्षेत्र और उसकी राजधानी चंडीगढ़ के अधिकारों को कमजोर नही किया जाएगा,यह भी सुनिश्चित करने का आहवाहन किया।
बीबा हरसिमरत कौर बादल ने लोगों से धर्म की आड़ में नफरत की राजनीति फैलाने और समाज में विभाजन पैदा करने वालों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा,‘‘ हमें सरदार परकाश सिंह बादल के पदचिन्हों पर चलने का आग्रह करते हुए कहा कि हमें शांति और भाईचारक सांझ को राज्य की नीति का आधार बनाना चाहिए। उन्होने कहा कि इसी नीति से राज्य का पहले तेजी से विकास और प्रगति की ओर अग्रसर हुआ था और इसी से अंधकार के युग से प्रकाश के युग की ओर लेकर जाएगी।’’ उन्होने लोगों से अपनी क्षेत्रीय पार्टी का समर्थन करने का आग्रह करते हुए कहा कि हमने गुटका साहिब की कसम लेने वाले (कांग्रेस) और ‘बदलाव ’(आम आदमी पार्टी) के हाथों विश्वासघात का सामना किया है।
पार्टी के हलका इंचार्ज और वरिष्ठ नेता वरदेव सिंह मान ने बताया कि पूर्व अकाली दल सरकार द्वारा नई सीवरेज प्रणाली के लिए आवंटित 75 करोड़ रूपये बाद की कांग्रेस सरकार द्वारा जारी नही किए गए, जिसके कारण शहर नरक बन गया है। नई सीवरेज व्यवस्था की मांग करते हुए स. मान ने सतलुज नदी के किनारे की जमीन पर खेती करने वाले किसानों के मालिकाना हक बहाल करने की मांग की , जो पूर्व मुख्यमंत्री सरदार परकाश सिंह बादल ने उन्हें दिए थे, लेकिन बाद में अगली सरकारों ने उन हकों को वापिस ले लिया था। उन्होने पार्टी के सत्ता में आने के बाद हलके में एक लड़कियों का काॅलेज और अस्पताल स्थापित करने का भी आहवाहन किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़, जनमेजा सिंह सेखों, सिकंदर सिंह मलूका, डाॅ. दलजीत सिंह चीमा, नरदेव सिंह मान, जोगिंदर सिंह जिंदू ,राजकुमार ढिब्बीपुरा, हरप्रीत सिंह हीरो और एसओआई के प्रधान रणबीर सिंह ढ़िल्लों ने भी विशाल सभा को संबोधित किया।
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