श्री आनंदपुर साहिब, 23अगस्त। शिरोमणी अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व शिक्षा मंत्री डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा है कि पंजाब की भगवंत मान की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी सरकार गमाडा और पीएसपीसीएल के माध्यम से 25000 करोड़ रूपये का कर्जा लेने के लिए 350 रूपये का ‘बिचैलिया फीस’ देने जा रही है, वह पंजाब के खजाने की सीधी लूट है वास्तव में यह पैसा आम आदमी पार्टी सरकार के प्रचार-प्रसार के लिए किया जाना है।
आज श्री आनंदपुर साहिब में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने इस बात पर हैरानी जताई कि पंजाब में मुख्य सचिव सहित इतने सक्षम अधिकारी बैठे हैं, क्या वह सभी बैंकों से कर्जा लेने के लिए अपना केस पेश करने में समर्थ नही हैं? उन्होने कहा कि वास्तव में यह ‘कमीशन फीस’ और कुछ नही बल्कि आम आदमी पार्टी द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से सरकारी पैसा अपने विस्तार के लिए इस्तेमाल करने का एक तरीका है।
डाॅ. चीमा ने कहा कि पंजाब को छोड़कर किसी भी राज्य में उधार लेने के लिए सरकारों द्वारा इस तरह ‘‘ मध्यस्ता फीस’’ देने की बात पहले न तो किसी ने सुनी है और न ही इस तरह से कभी भी किया गया है। उन्होने कहा कि सच्चाई यह है कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब पर डेढ़ लाख करोड़ रूपये का कर्जा चढ़ा दिया है आज हर पंजाबी पर 1.5 लाख रूपये का कर्ज है।
कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार को कांग्रेस की वरिष्ठ लीडरशीप द्वारा हीरो बनाए जाने और पंजाब में स्थानीय नेताओं द्वारा उसका विरोध किए जाने को डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने नौटंकी करार देते हुए कहा कि कांग्रेसियों को सज्जन कुमार और 1984 के मामले में अन्य नेताओं के बारे स्पष्ट होने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि कांग्रेसी यदि विरोध करना चाहते हैं तो खुलकर जगदीश टाइटलर और कमलनाथ का भी विरोध करना चाहिए और पार्टी आलाकमान से मांग करनी चाहिए कि उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाए। उन्होने कहा कि कांग्रेसी नेता चुनावों से पहले पंजाब में कुछ और बयान दे रहे हैं और हरियाणा में अलग बयान दे रहे हैं जबकि कांग्रेस की राष्ट्रीय लीडरशीप ने इस बारे चुप्पी साध रखी है।
डाॅ. चीमा ने मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े एक गंभीर मामले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अदालत में दायर एक याचिका में बलात्कार के एक मामले का रफा-दफा करने के लिए मुख्यमंत्री के परिवार और रिश्तेदारों द्वारा 5 करोड़ रूपये मांगने का आरोप लगा है। उन्होने कहा कि इस मामले में उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार द्वारा सरकार से जवाब मांगा है।
डाॅ. चीमा ने कहा कि पहले भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मुख्यमंत्री के ओएसडी पर पैसों के लेन-देन संबंधी आरोप लगाए जा चुके हैं। उन्होने कहा कि ऐसे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। उन्होने मांग की कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं को क्लीन चिट देने के बजाय मामले की सीबीआई यां उच्च न्यायाल के किसी मौजूदा न्यायाधीश से जांच करवाई जानी चाहिए ताकि मामले की सच्चाई लोगों के सामने आ सके।
कर्मचारियों के बकाये और मंहगाई भत्ते के मुददे पर अकाली नेता ने कहा कि कर्मचारियों के 15 हजार करोड़ रूपये से अधिक मंहगाई भत्ते (डीए) के बकाया का भुगतान करने संबंधी अदालत के आदेश के बावजूद सरकार द्वारा इसकी अदायगी नही की जा रही है। उन्होने वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा वित्त विभाग के फैसले का हवाला देने पर भी सवाल उठाया और कहा कि सरकार को अदालत के आदेश का पालन करना चाहिए।
वरिष्ठ अकाली नेता ने प्रदुषण के मुददे पर रोपड़ में की गई कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि नदियों का गंदा पानी डालने के मामले में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की कार्रवाई करने के बजाय पुलिस द्वारा केस दर्ज करना महज दिखावा है, उद्योग और आप विधायक के बीच कथित मिलीभगत की आशंका है।
बेरोजगारी और सरकारी भर्ती के मुददे पर डाॅ. चीमा ने आरोप लगाया कि सरकार की कोई भी भर्ती प्रक्रिया सुचारू तरीके से नही चल रही है। उन्होने कहा कि भर्तियों में घोटाले, पेपर लीक और नकल की शिकायतें सामने आ रही हैं और कई मामलों में उच्च न्यायालय द्वारा रोक भी लगाई गई है। उन्होने बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को कथित तौर पर गलत ढंग से नौकरियां देने का भी आरोप लगाया। इस अवसर पर उनके साथ शिरोमणी कमेटी के सदस्य भाई अमरजीत सिंह चावला और अतिरिक्त मैनेजर एडवोकेट हरदेव सिंह भी मौजूद थे।
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