दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 48वें एओजीडी वार्षिक सम्मेलन को संबोधित किया
उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य को देश के मानव संसाधन से जोड़कर देखने की जरूरत बताई
न्यूज़म ब्यूरो
नई दिल्ली, 13 सितंबर | Women Health को लेकर 48वें एओजीडी वार्षिक सम्मेलन में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने व्यापक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य को भारत के मानव संसाधन और भविष्य से जोड़ा। संधू ने कहा कि महिलाओं की स्वास्थ्य जरूरतें केवल गर्भावस्था और प्रसव तक सीमित नहीं हैं। किशोरावस्था से लेकर मातृत्व और आगे के जीवन तक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना जरूरी है। सम्मेलन में मातृ स्वास्थ्य, शुरुआती जांच, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और कैंसर की रोकथाम जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। शुरुआती स्तर पर बीमारी की पहचान से बेहतर उपचार और गंभीर जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है। एओजीडी की 2026-27 की थीम भी महिलाओं के पूरे जीवनचक्र पर केंद्रित है। इसमें बेहतर उपचार, स्वास्थ्य शिक्षा, मरीजों को सशक्त बनाने और महिलाओं की गरिमा को प्राथमिकता देने पर जोर है। संधू ने महिलाओं के स्वास्थ्य को केवल स्वास्थ्य विभाग का विषय न मानकर देश के व्यापक विकास से जोड़ने की बात कही। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में सामूहिक प्रयास, जागरूकता और समय पर जांच की आवश्यकता बताई।

Women Health : जीवनचक्र के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
सम्मेलन में महिलाओं के लिए व्यापक स्वास्थ्य दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत पर चर्चा हुई।
इसमें मातृ स्वास्थ्य के साथ शुरुआती जांच को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
संधू ने कहा कि समय पर बीमारी की पहचान उपचार को अधिक प्रभावी बना सकती है।
नियमित स्वास्थ्य जांच से गंभीर समस्याओं का जोखिम भी कम किया जा सकता है।
उन्होंने महिलाओं की स्वास्थ्य जरूरतों को व्यापक नीति का हिस्सा बनाने की आवश्यकता बताई।
उनके मुताबिक, महिला स्वास्थ्य को केवल एक विभाग की जिम्मेदारी मानना उचित नहीं है।
इस विषय को शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक विकास से भी जोड़ना जरूरी है।
Women Health : मातृ स्वास्थ्य से आगे बढ़कर सोचने की जरूरत

संधू ने कहा कि महिलाओं की स्वास्थ्य जरूरतें मातृत्व तक सीमित नहीं हैं।
उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ्य को भी समान महत्व देने की बात कही।
महिलाओं को हर उम्र में सही स्वास्थ्य जानकारी और सेवाएं मिलनी चाहिए।
उनके मुताबिक, शुरुआती उम्र से स्वास्थ्य जागरूकता भविष्य में बेहतर परिणाम दे सकती है।
स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता सुधार सकती है।
उन्होंने महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी फैसलों में जागरूक और सक्षम बनाने पर भी जोर दिया।
Women Health : शुरुआती जांच को बनाया जाए प्राथमिकता
सम्मेलन में बीमारी की शुरुआती पहचान को अहम मुद्दा बताया गया।
विशेषज्ञों ने समय पर जांच और सही उपचार की भूमिका पर चर्चा की।
शुरुआती स्तर पर बीमारी पकड़ में आने से उपचार के विकल्प बढ़ सकते हैं।
इससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
संधू ने नियमित स्वास्थ्य जांच को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए।
समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Women Health : कैंसर की रोकथाम पर भी फोकस
महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों में कैंसर की रोकथाम को भी प्रमुखता मिली।
सम्मेलन में नियमित जांच और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया।
समय पर जांच से बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में हो सकती है।
इससे उपचार की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिल सकती है।
महिलाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी बताए गए।
इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सा विशेषज्ञों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
AOGD 2026-27 : पूरे जीवनचक्र पर केंद्रित थीम

एओजीडी की 2026-27 की थीम महिलाओं के पूरे जीवनचक्र पर केंद्रित है।
इसमें बेहतर उपचार और स्वास्थ्य शिक्षा को प्रमुख स्थान दिया गया है।
मरीजों को सशक्त बनाने और महिलाओं की गरिमा को प्राथमिकता देने पर भी जोर है।
सम्मेलन में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
ऐसे मंचों पर नई चिकित्सा जानकारी और उपचार पद्धतियों पर चर्चा होती है।
इससे महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के नए रास्ते तलाशे जा सकते हैं।
देश के विकास से जुड़ा महिलाओं का स्वास्थ्य
संधू ने महिलाओं के स्वास्थ्य को व्यापक विकास का विषय बताया।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ महिलाओं का सीधा असर परिवार और समाज पर पड़ता है।
इसलिए महिलाओं की सेहत को देश की प्रगति से जोड़कर देखना चाहिए।
उन्होंने जीवन के हर चरण में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने की जरूरत बताई।
इसके लिए सरकार, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और समाज को मिलकर प्रयास करना होगा।
जागरूकता, शुरुआती जांच और बेहतर उपचार को साथ लेकर चलना जरूरी है।
उनके अनुसार, महिलाओं का स्वास्थ्य मजबूत होगा तो देश का भविष्य भी मजबूत होगा।
इसी सोच के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा व्यापक और सुलभ बनाने पर जोर दिया गया।
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