मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील के आरोपों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। संजय राउत ने ईडी और सीबीआई से मामले की जांच कराने की मांग की है।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 21 अक्टूबर। महाराष्ट्र की राजनीति में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील के एक आरोप को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जरांगे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर बीजेपी नेताओं से उनके नाम पर 500 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया था। अब शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।
संजय राउत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि एकनाथ शिंदे को तुरंत समन जारी कर पूरे प्रकरण की जांच की जाए।
जरांगे ने शिंदे को दो दिन का दिया था समय
मनोज जरांगे पाटील ने दावा किया था कि बीजेपी नेताओं के बीच इस बात की चर्चा है कि एकनाथ शिंदे ने उनके नाम पर 500 करोड़ रुपये लिए हैं। जरांगे ने यह भी कहा था कि उनके पास इस संबंध में सबूत हैं।
उन्होंने शिंदे को चुनौती देते हुए कहा था कि वह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करें कि उनके नाम पर पैसे लिए गए हैं या नहीं। इसके लिए उन्होंने दो दिन के भीतर जवाब देने की मांग की थी। जरांगे के इस आरोप के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गईं।
संजय राउत ने शिंदे से मांगा जवाब
संजय राउत ने जरांगे के आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे को इस मामले पर अपना पक्ष रखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बीजेपी से 500 करोड़ रुपये लेने का आरोप सही है, तो ऐसे व्यक्ति को दूसरों पर टिप्पणी करने का क्या अधिकार है?
राउत ने ठाकरे परिवार और सत्ता परिवर्तन जैसे राजनीतिक मुद्दों पर शिंदे की टिप्पणियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग दोहराई।
हालांकि, 500 करोड़ रुपये लेने से जुड़ा आरोप अभी आरोप ही है। उपलब्ध जानकारी में इसकी स्वतंत्र पुष्टि या किसी जांच एजेंसी की ओर से जांच शुरू किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
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