विद्याविहार में 30 मिनट का सफर अब 10 मिनट में होगा पूरा, सायन का नया पुल पांचवीं और छठी रेल लाइन के विस्तार में भी होगा मददगार
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 22 अक्टूबर। मुंबई महानगर क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रही बुनियादी सुविधाओं के कारण अब ‘59 मिनट में मुंबई’ पहुंचने का लक्ष्य साकार होता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र में बहुआयामी परिवहन संपर्क व्यवस्था (मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी) के विकास से यात्रा का समय कम होगा और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास वर्षा से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के तीन महत्वपूर्ण पुलों का ऑनलाइन लोकार्पण किया। इनमें विद्याविहार रेलवे स्टेशन पर लालबहादुर शास्त्री मार्ग और रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग को जोड़ने वाला रेल पुल, सायन रेलवे स्टेशन का नया फ्लाईओवर तथा गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के तहत गोरेगांव पूर्व में रत्नागिरी जंक्शन से चित्रनगरी तक बना फ्लाईओवर शामिल है।
विद्याविहार में 30 मिनट का सफर अब 10 मिनट में
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई में उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम दिशाओं में निर्बाध संपर्क व्यवस्था विकसित की जा रही है। विद्याविहार का पुल पूर्वी रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग और पश्चिमी लालबहादुर शास्त्री मार्ग को सीधे जोड़ता है। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच यात्रा में लगने वाला समय लगभग 30 मिनट से घटकर 10 मिनट रह जाएगा। साथ ही, घाटकोपर रेलवे स्टेशन के पास स्थित फ्लाईओवर पर यातायात का दबाव भी कम होगा।
सायन का 112 साल पुराना पुल बदला गया
सायन रेलवे स्टेशन के पास बना पुराना पुल 112 साल पुराना और असुरक्षित हो गया था। इसके पुनर्निर्माण से पूर्वी मुंबई के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे का धारावी, बांद्रा तथा बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) जैसे पश्चिमी क्षेत्रों से संपर्क बेहतर होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया पुल मध्य रेलवे की छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी)-कुर्ला रेल लाइन के बीच पांचवीं और छठी लाइन के विस्तार का रास्ता भी आसान करेगा। इन रेल लाइनों के पूरा होने से लोकल ट्रेनों की संख्या और आवृत्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे यात्रियों को लाभ होगा।
सायन पुल पर 65 करोड़ रुपये से अधिक खर्च
सायन रेल पुल की लंबाई 54.5 मीटर और चौड़ाई 26 मीटर है। इसमें 496 टन वजन वाले दो सेमी-थ्रू स्टील गर्डर लगाए गए हैं। रेल हिस्से पर लगभग 33.51 करोड़ रुपये और पहुंच मार्गों पर 31.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। परियोजना का काम निर्धारित समय से लगभग चार महीने पहले पूरा किया गया। पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए एलबीएस मार्ग और संत रोहिदास मार्ग पर भूमिगत मार्ग भी बनाए गए हैं।
गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड से यातायात को मिलेगी गति
गोरेगांव पूर्व में रत्नागिरी होटल जंक्शन से चित्रनगरी तक बना 1.26 किलोमीटर लंबा छह लेन का फ्लाईओवर गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे रत्नागिरी होटल जंक्शन, फिल्म सिटी रोड और ए.के. वैद्य मार्ग के आसपास यातायात की समस्या कम होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों के बीच संपर्क बेहतर करेगी। साथ ही, संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे प्रस्तावित दोहरी भूमिगत सुरंग तक पहुंचना भी आसान होगा।
सरकार और मनपा के समन्वय से परियोजनाओं को गति
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि केंद्र, राज्य सरकार और महानगरपालिका के बीच समन्वय से बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने इन कार्यों के लिए मनपा प्रशासन, इंजीनियरों, अधिकारियों, ठेकेदारों और कर्मचारियों की सराहना की।
कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, विधायक राजहंस सिंह और पराग शाह, मुंबई की महापौर रितु तावड़े, उपमहापौर संजय घाड़ी तथा बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
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